दोनों व्यवस्थापन एक जैसे हैं — बीकर के जल में उलटी कीप के नीचे एक जलीय पौधा और कीप की नली पर जल से भरी उलटी परखनली। अंतर केवल प्रकाश का है।
| व्यवस्थापन | कहाँ रखा गया | क्या दिखाई देता है |
|---|---|---|
| क | सूर्य के प्रकाश में | जलीय पौधे से लगातार बुलबुले निकलते हैं, कीप की नली से ऊपर जाकर उलटी परखनली में गैस के रूप में एकत्रित होते हैं और परखनली में जल का तल नीचे चला जाता है |
| ख | अँधेरे में | कोई बुलबुला नहीं। परखनली जल से भरी ही रहती है, कोई गैस एकत्रित नहीं होती |