आपने क्या देखा? क्या आपको इस पतली परत पर सूक्ष्म छिद्र दिखाई दिए जैसा कि चित्र 10.6 में दर्शाया गया है?
उत्तर
हाँ। सूक्ष्मदर्शी में पत्ती की निचली सतह से निकाली गई पतली परत सटी हुई कोशिकाओं की चादर जैसी दिखती है और उनके बीच-बीच में अनेक सूक्ष्म अंडाकार छिद्र बिखरे दिखाई देते हैं। प्रत्येक छिद्र के दोनों ओर सेम के बीज जैसी मुड़ी हुई दो कोशिकाएँ होती हैं।
इन छिद्रों को रंध्र कहते हैं। चित्र 10.6 में दिए गए मापक के अनुसार रोइओ की पत्ती में ये लगभग 0.1 mm के हैं — नंगी आँखों से देखने के लिए बहुत ही छोटे।
परत में दिखने वाला एक रंध्र — दो रक्षक कोशिकाओं के बीच का छिद्र। ऐसे हज़ारों छिद्रों से ही गैसें पत्ती में आती-जाती हैं।
स्याही और निचली सतह क्यों: स्याही छिद्रों को नहीं रँगती, इसलिए आस-पास की गहरी कोशिकाओं के बीच वे स्पष्ट उभर आते हैं। निचली सतह इसलिए ली जाती है क्योंकि चौड़ी पत्ती के अधिकांश रंध्र छायादार निचली सतह पर होते हैं, जहाँ जल की हानि कम होती है।
प्र2.
इन छिद्रों को क्या कहते हैं और ये पौधे की किस प्रकार सहायता करते हैं?
उत्तर
इन्हें रंध्र कहते हैं। पत्ती की सतह पर उपस्थित रंध्र गैसों के विनिमय में सहायता करते हैं।
प्रक्रिया
रंध्रों से अंदर आने वाली गैस
रंध्रों से बाहर जाने वाली गैस
प्रकाश संश्लेषण (सूर्य के प्रकाश में)
कार्बन डाइऑक्साइड
ऑक्सीजन
श्वसन (निरंतर)
ऑक्सीजन
कार्बन डाइऑक्साइड
रोचक तथ्य: पत्ती से जलवाष्प भी रंध्रों से ही बाहर निकलती है। इसीलिए गमले के पौधे को पारदर्शी पॉलिथीन से ढकने पर कुछ ही देर में उसके भीतर जल की बूँदें दिखाई देने लगती हैं।
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