प्र1.
क्या आपको आश्चर्य हुआ कि इस क्रियाकलाप के आरंभ में हमने पत्ती को वर्णविहीन क्यों किया?
उत्तर
क्योंकि पत्ती का अपना हरा रंग परिणाम को छिपा देता।
आयोडीन मंड को नीला-काला कर देता है। गहरी हरी पत्ती पर नीला-काला रंग केवल "और गहरा हरा" जैसा दिखेगा और यह पता ही नहीं चलेगा कि रंग बदला या नहीं। गरम एल्कोहॉल से पर्णहरित निकल जाने पर पत्ती हल्के क्रीम रंग की हो जाती है और तब हल्का-सा नीला-काला धब्बा भी स्पष्ट दिखाई देता है।
पुस्तक के शब्दों में — पत्ती के वर्णविहीन होने पर उसमें वर्ण-परिवर्तन तथा मंड की उपस्थिति का अवलोकन स्पष्ट रूप से किया जा सकता है।
ध्यान दीजिए: क्रियाकलाप 10.3 भी इसी पर आधारित है। वर्णविहीन करने के बाद ही यह दिखता है कि पत्ती के हरित धब्बे नीले-काले हुए और अहरित धब्बे नहीं।