प्र1.
जब अपारदर्शी वस्तु एक चमकदार वस्तु, जैसे स्टील की प्लेट ली गई तो मुझे पर्दे पर एक छाया प्राप्त हुई साथ ही पर्दे के सामने की दीवार पर एक चमकदार चकता भी दिखा। ऐसा क्यों हुआ?
उत्तर
क्योंकि पॉलिश की हुई स्टील की प्लेट एक साथ दो काम करती है। वह अपारदर्शी है, अत: प्रकाश को रोककर अपने पीछे छाया बनाती है। वह चमकीली भी है, अत: रुके हुए प्रकाश को अवशोषित न करके नई दिशा में लौटा देती है — और यही लौटा हुआ प्रकाश सामने की दीवार पर चमकदार चकता बना देता है।
टॉर्च का प्रकाश → स्टील की प्लेट → परावर्तित → सामने की दीवार पर चमकदार चकता
प्लेट के पीछे → प्रकाश नहीं → छाया
प्लेट के पीछे → प्रकाश नहीं → छाया
ऐसा क्यों होता है: गत्ते जैसी खुरदरी सतह प्रकाश को चारों दिशाओं में बिखेर देती है, इसलिए कहीं भी चमकीला चकता नहीं बनता। चिकनी, पॉलिश की हुई सतह लगभग सारा प्रकाश एक ही दिशा में साथ-साथ भेज देती है। किसी चमकीली सतह द्वारा प्रकाश की दिशा में हुए इस परिवर्तन को ही प्रकाश का परावर्तन कहते हैं।