प्र1.
मृदा व जल के तापमान को प्रत्येक 5 मिनट में मापिए और आँकड़ों को तालिका 7.4 में अंकित कीजिए।
उत्तर
दो समान कटोरे — एक आधा मृदा से और दूसरा आधा जल से भरा — प्रत्येक में एक प्रयोगशाला तापमापी लगाकर तेज धूप में साथ-साथ रखे जाते हैं (चित्र 7.6)। किसी खुली धूप वाले दिन प्राप्त सामान्य पाठ्यांक इस प्रकार होंगे।
| तालिका 7.4 — गरम होने पर जल और मृदा का तापमान | |||
|---|---|---|---|
| क्र.सं. | समय (मिनट) | मृदा का तापमान (°C) | जल का तापमान (°C) |
| 1. | 0 | 30 | 30 |
| 2. | 5 | 34 | 31 |
| 3. | 10 | 38 | 32 |
| 4. | 15 | 41 | 33 |
| 5. | 20 | 44 | 34 |
स्वयं जाँचिए: आपके अपने आँकड़े इनसे भिन्न होंगे — वे दिन, स्थान और समय पर निर्भर करते हैं। जो बात समान निकलनी चाहिए वह है प्रवृत्ति: मृदा का स्तंभ जल के स्तंभ से कहीं तेजी से बढ़ता है। अपने अवलोकन स्वयं अंकित कीजिए, इन्हें उतारिए नहीं।
मापते समय सावधानी: प्रत्येक तापमापी का बल्ब मृदा में पूरा दबा हुआ और जल में पूरा डूबा हुआ हो तथा कटोरे के तल या किनारों को स्पर्श न करे — अन्यथा आप मृदा या जल का नहीं, कटोरे का तापमान मापेंगे।