कुतूहल अध्याय 7 पाठ्य प्रश्न

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
जल की रंगीन धारी मध्य से ऊपर क्यों उठती है और किनारों से नीचे क्यों आती है?
उत्तर

क्योंकि बीकर में संवहन धारा बन जाती है — गरम जल मध्य से ऊपर उठता है और ठंडा जल किनारों से नीचे आता है।

तली का जल (लौ के ऊपर) गरम होता है
वह फैलता है, हल्का होता है और मध्य से ऊपर उठता है
किनारों का जल तुलनात्मक रूप से ठंडा और भारी है
⇒ वह किनारों से नीचे आता है और ऊपर उठते जल का स्थान ले लेता है
अब यह जल गरम होकर स्वयं ऊपर उठता है
यह चक्र तब तक चलता है जब तक संपूर्ण जल गरम न हो जाए
ऐसा क्यों होता है: मोमबत्ती तली के ठीक मध्य के नीचे रखी है, अतः केवल बीच का जल सीधे गरम होता है। गरम होने पर जल फैलता है — उतना ही द्रव्यमान अब अधिक आयतन घेरता है, अतः वह आस-पास के जल से हल्का होकर ऊपर तैर जाता है। पीछे रिक्त स्थान नहीं रह सकता, इसलिए किनारों का ठंडा, भारी जल नीचे और भीतर की ओर बहता है। इस प्रकार संपूर्ण जल जल-कणों की वास्तविक गति द्वारा गरम होता है — संवहन का अर्थ यही है।
संकेत: इसीलिए हम पात्र को नीचे से गरम करते हैं, ऊपर से कभी नहीं। ऊपर से गरम करने पर संवहन धारा बनती ही नहीं — यही बात अभ्यास के प्रश्न 6 में पूछी गई है।
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