प्र1.
आप निरीक्षण में पाते हैं कि जिस कप के नीचे मोमबत्ती रखी थी वह ऊपर उठ जाता है [चित्र 7.3(ख)]। ऐसा क्यों होता है?
उत्तर
क्योंकि उस कप के भीतर की वायु गरम होकर फैल जाती है और हल्की हो जाती है, और ऊपर उठती हुई गरम वायु कप को भी उठा देती है।
मोमबत्ती की लौ आस-पास की वायु को गरम करती है
कप के भीतर की वायु गरम होती है
गरम वायु फैलती है → अधिक स्थान घेरती है
उतनी ही वायु अधिक स्थान में → हल्की हो जाती है
⇒ वह ऊपर उठती है और कप ऊपर चला जाता है
कप के भीतर की वायु गरम होती है
गरम वायु फैलती है → अधिक स्थान घेरती है
उतनी ही वायु अधिक स्थान में → हल्की हो जाती है
⇒ वह ऊपर उठती है और कप ऊपर चला जाता है
यह करके देखिए: आंशिक रूप से फूले हुए गुब्बारे को धूप में रखिए (चित्र 7.4)। कुछ समय बाद भीतर की वायु गरम होकर फैलती है और गुब्बारा स्पष्ट रूप से बड़ा हो जाता है — वही फैलाव, आँखों से देखने योग्य रूप में।