कुतूहल अध्याय 8 पाठ्य प्रश्न

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
समान दूरी की दौड़ के लिए समय माप कर हम यह बता सकते हैं कि कौन अधिक तेज दौड़ा। किंतु अलग-अलग दूरियों की दौड़ों की तुलना करनी हो तो हम यह किस प्रकार बता पाएँगे?
उत्तर

यह देखकर कि प्रत्येक धावक ने इकाई समय में कितनी दूरी तय की — अर्थात उनके चाल की तुलना करके, समय की नहीं।

दूरियाँ भिन्न हों तो केवल समय से कुछ नहीं कहा जा सकता। इन दो दौड़ों को देखिए:

धावकदूरीसमय1 सेकंड में तय दूरी
प्रेरणा100 m12.5 s100 ÷ 12.5 = 8 m/s
उसकी सहेली400 m62.5 s400 ÷ 62.5 = 6.4 m/s

सहेली कहीं अधिक समय तक दौड़ी और कहीं अधिक दूरी तय की, फिर भी दोनों में तेज प्रेरणा ही रही — क्योंकि उसने प्रत्येक सेकंड में अधिक दूरी तय की।

चाल ही निष्पक्ष तुलना क्यों है: दूरी को समय से विभाजित करते ही यह बात हट जाती है कि दौड़ कितनी लंबी थी। दौड़ चाहे जितनी लंबी हो, चाल एक ही प्रश्न का उत्तर देती है — 'प्रति सेकंड कितनी दूरी?' इसीलिए दो बिलकुल भिन्न दौड़ें भी आमने-सामने रखी जा सकती हैं।
प्र2.
जब हम कहते हैं कि किसी वस्तु की गति धीमी है या तेज है तो हमारा क्या अभिप्राय होता है?
उत्तर

हमारा अभिप्राय दिए गए समय-अंतराल में चली गई दूरियों की तुलना से होता है। कोई वस्तु तेज है यदि वह समान समय में अधिक दूरी तय करती है, और धीमी है यदि कम दूरी तय करती है।

बस 1 घंटे में → 40 km
साइकिल सवार 1 घंटे में → 15 km
समय समान, दूरी अधिक ⇒ बस अधिक तेज

अतः 'धीमा' और 'तेज' कभी निरपेक्ष शब्द नहीं होते। साइकिल सवार पैदल चलते व्यक्ति की तुलना में तेज है और बस की तुलना में धीमा।

समय समान होना क्यों आवश्यक है: यदि 1 घंटे में 40 km की तुलना 20 मिनट में 15 km से करें तो केवल देखकर कुछ नहीं कहा जा सकता — 20 मिनट में 15 km का अर्थ है एक घंटे में 45 km, अर्थात साइकिल सवार ही तेज निकलेगा। 'अधिक दूरी' का अर्थ 'अधिक तेज' केवल तभी होता है जब समय-अंतराल समान हो।
प्र3.
सभी धावक आरंभ रेखा से एक साथ दौड़ना प्रारंभ करते हैं। परंतु कुछ समय के पश्चात वे आगे-पीछे हो जाते हैं (चित्र 8.10)। हम किस प्रकार निर्णय करते हैं कि उनमें से कौन अधिक तेज दौड़ रहा है?
उत्तर

उस क्षण पर जो धावक सबसे आगे है, वही सबसे तेज दौड़ रहा है। सभी धावक एक ही आरंभ रेखा से एक साथ चले थे, अतः सभी को दौड़ते हुए समान समय बीता है। जो आगे है उसने समान समय में अधिक दूरी तय की है।

आरंभ समान समय के बाद तीन धावकों की स्थितियाँ
तीनों एक साथ चले थे। धावक 'क' सबसे आगे है, अतः उसने उस समय में सबसे अधिक दूरी तय की और वही सबसे तेज है।
यह तर्क यहीं क्यों चलता है: क्योंकि सबका आरंभ-क्षण एक ही था। यदि धावक अलग-अलग समय पर चले होते तो आगे होने से कुछ सिद्ध नहीं होता — तब प्रत्येक धावक की चाल अलग से ज्ञात करनी पड़ती।
प्र4.
हम किसी वस्तु की चाल कैसे ज्ञात कर सकते हैं?
उत्तर

यदि हमें वस्तु द्वारा चली गई कुल दूरी और उस दूरी को तय करने में लगा समय ज्ञात हो, तो उसकी चाल का परिकलन किया जा सकता है।

चाल = चली गई कुल दूरी ÷ दूरी चलने में लगा कुल समय

पुस्तक के उदाहरण 8.1 का हल — स्वाति का विद्यालय घर से 3.6 km दूर है और वह साइकिल से 15 मिनट लेती है:

दूरी = 3.6 km = 3.6 × 1000 m = 3600 m
समय = 15 min = 15 × 60 s = 900 s
चाल = 3600 m ÷ 900 s = 4 m/s
पहले मात्रक क्यों बदलते हैं: दूरी और समय उन्हीं मात्रकों में होने चाहिए जिनमें उत्तर चाहिए। m/s में उत्तर के लिए दूरी मीटर में और समय सेकंड में लीजिए; km/h के लिए दूरी किलोमीटर में और समय घंटे में।
सुझाव: यही संबंध बदलकर दो और प्रश्नों का उत्तर देता है — दूरी = चाल × समय तथा समय = दूरी ÷ चाल
प्र5.
चाल का मात्रक क्या होगा?
उत्तर

चाल = दूरी ÷ समय है, अतः इसका मात्रक लंबाई के मात्रक को समय के मात्रक से विभाजित करने पर बनता है। चाल का SI मात्रक मीटर/सेकंड है, जिसे m/s लिखा जाता है।

दूरी जिसमें हो……और समय जिसमें हो……तो चाल का मात्रककहाँ प्रयोग
मीटर (m)सेकंड (s)m/s (SI मात्रक)धावक, गिरती वस्तुएँ, भौतिकी के प्रश्न
किलोमीटर (km)घंटा (h)km/hबस, रेलगाड़ी, चालमापी
रूपांतरण: 1 m/s की वस्तु 1 घंटे में 3600 m = 3.6 km चलती है
अतः: m/s → km/h : 3.6 से गुणा  ·  km/h → m/s : 3.6 से भाग
स्वयं जाँचिए: 72 km/h की रेलगाड़ी की चाल 72 ÷ 3.6 = 20 m/s है और 8 m/s के धावक की चाल 8 × 3.6 = 28.8 km/h।
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