प्र1.
क्या आपको चूने के पानी के रंग में कोई परिवर्तन दिखाई देता है?
उत्तर
हाँ — परंतु दोनों में से केवल एक ही परखनली में।
| परखनली | चूने के पानी में प्रवाहित वायु | प्रेक्षित परिवर्तन |
|---|---|---|
| क | पिचकारी अथवा सिरिंज से प्रवाहित परिवेश की वायु — वही जिसे हम अंत:श्वसित करते हैं | चूने का पानी स्वच्छ बना रहता है — कोई परिवर्तन नहीं |
| ख | स्ट्रॉ से मुँह द्वारा फूँकी गई उच्छवसित वायु | चूने का पानी दूधिया हो जाता है |
संकेत: दोनों परखनलियों में ताजा बनाया गया चूने का पानी समान मात्रा में लीजिए। खुले में रखा पुराना चूने का पानी वायु की कार्बन डाइऑक्साइड से पहले ही अभिक्रिया कर चुका होता है और क्रियाकलाप से पहले ही धुँधला दिख सकता है।