प्र1.
चित्र 9.4 को देखिए। यह फैली हुई आहार नाल का चित्र है। इसकी लंबाई का अनुमान लगाइए।
उत्तर
अधिकांश विद्यार्थी एक-दो मीटर का अनुमान लगाते हैं — वास्तविक उत्तर इससे कहीं अधिक है। अकेली क्षुद्रांत्र ही लगभग 6 मीटर लंबी होती है, जो आपकी कक्षा की छत की ऊँचाई से लगभग दोगुनी है। शेष भागों को जोड़ दें तो पूरी आहार नाल और भी लंबी हो जाती है।
| आहार नाल का भाग | लगभग लंबाई | कल्पना कीजिए |
|---|---|---|
| क्षुद्रांत्र | लगभग 6 मीटर | कक्षा की छत की ऊँचाई से दोगुनी; आहार नाल का सबसे लंबा भाग |
| बृहदांत्र | लगभग 1.5 मीटर | क्षुद्रांत्र से छोटी, परंतु अधिक चौड़ी |
ऐसा क्यों होता है: इतनी लंबी नलिका उदर में मुड़-मुड़कर और कुंडली बनाकर समा जाती है। लंबाई उपयोगी है — भोजन जितनी देर पाचक रसों और अवशोषक भित्ति के संपर्क में रहेगा, उसका पाचन और अवशोषण उतना ही पूर्ण होगा।
यह कीजिए: मापन-फीते या रस्सी से भूमि पर 6 मीटर नाप कर उसके पास खड़े होइए। उतनी ही लंबी नली आपके भीतर कुंडलित होकर रखी है — वही आपकी क्षुद्रांत्र है।