प्र1.
योगफल ज्ञात करने के लिए आप इसका उपयोग किस प्रकार करेंगे?
उत्तर
ऊर्ध्वाधर विभाजन रेखा के दाईं ओर के गणकों को बाईं ओर की संगत पंक्तियों पर सरका दीजिए, फिर प्रत्येक पंक्ति को व्यवस्थित कीजिए।
पृष्ठ 69 के बोर्ड पर बाईं ओर 2907 और दाईं ओर 43 है:
| पंक्ति | 2907 में | 43 में | एक साथ रखने पर | मान |
|---|---|---|---|---|
| 1000 | पंक्ति पर 2 गणक | — | पंक्ति पर 2 | 2000 |
| 100 | ऊपर 1 (500) + पंक्ति पर 4 (400) | — | ऊपर 1 + पंक्ति पर 4 | 900 |
| 10 | — | 4 गणक | 4 + 1 हासिल = 5 → पंक्ति के ऊपर 1 गणक | 50 |
| 1 | ऊपर 1 (5) + पंक्ति पर 2 (2) | 3 गणक | 7 + 3 = 10 → हटाकर 10 वाली पंक्ति पर 1 गणक | 0 |
योग = 2000 + 900 + 50 + 0 = 2950
जाँच: 2907 + 43 = 2950 ✓
जाँच: 2907 + 43 = 2950 ✓
ऐसा क्यों होता है: अबेकस लकड़ी से बनी एक दशमलव स्थानीय मान मशीन है। प्रत्येक पंक्ति 10 की एक घात है और उस पर रखे गणक उस स्थान का अंक हैं — अत: दोनों ओर के गणकों को मिलाना ही जोड़ है, और विनिमय प्रत्येक अंक को 10 से कम रखते हैं। इसकी पूरी रचना आधार-10 की अवधारणा पर टिकी है, यही कारण है कि रोमन संख्यांकों में लिखने वाले लोग भी गणना आधार 10 में ही करते थे।