आकृति (i) — आयत ABCD, जिसमें A नीचे-बाएँ, B नीचे-दाएँ, C ऊपर-दाएँ तथा D ऊपर-बाएँ है, दोनों विकर्ण खिंचे हैं और ∠CAB = 30° दिया है।
आयत के विकर्ण समान होते हैं और एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं, अत: OA = OB = OC = OD, अर्थात O पर बने चारों त्रिभुज समद्विबाहु हैं।
∆AOB समद्विबाहु ⇒ ∠ABD = ∠BAC = 30° ⇒ ∠DBC = 60°
∆ABC में: ∠ACB = 180 – 90 – 30 = 60° ⇒ ∠ACD = 30°
∆ABD में: ∠ADB = 180 – 90 – 30 = 60° ⇒ ∠BDC = 30°
O पर: ∠AOB = 180 – 30 – 30 = 120° = ∠COD
∠AOD = ∠BOC = 180 – 120 = 60°
आकृति (ii) — आयत PQRS, जिसमें P नीचे-बाएँ, Q ऊपर-बाएँ, R ऊपर-दाएँ तथा S नीचे-दाएँ है, दोनों विकर्ण खिंचे हैं और प्रतिच्छेद बिंदु O पर ∠QOR = 110° दिया है।
∠QOP = ∠ROS = 180 – 110 = 70° (रैखिक युग्म)
∆QOR समद्विबाहु (OQ = OR): ∠OQR = ∠ORQ = (180 – 110) ÷ 2 = 35°
∆POS समद्विबाहु (OP = OS): ∠OPS = ∠OSP = 35°
∆POQ समद्विबाहु (OP = OQ): ∠OPQ = ∠OQP = (180 – 70) ÷ 2 = 55°
∆ROS समद्विबाहु (OR = OS): ∠ORS = ∠OSR = 55°
प्रत्येक शीर्ष पर जाँच: 35° + 55° = 90° ✓