गणित प्रकाश अध्याय 4 चतुर्भुज के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-05
इस अध्याय के बारे में
आयत को तीन समतुल्य विधियों से परिभाषित किया जा सकता है — सभी कोण 90°; सभी कोण 90° तथा सम्मुख भुजाएँ समान; अथवा विकर्ण समान हों और एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हों। अध्याय सिद्ध करता है कि तीनों एक ही श्रेणी के चतुर्भुजों को दर्शाती हैं। पूरा तर्क सर्वांगसमता पर टिका है। निगमन 1 से 10 तक SAS, AAS, ASA तथा SSS नियमों से भुजाओं, कोणों एवं विकर्णों के सभी गुण सिद्ध किए गए हैं। किसी भी चतुर्भुज के कोणों का योग 360° होता है, क्योंकि एक विकर्ण उसे दो त्रिभुजों में बाँट देता है। इसी कारण तीन समकोण होने पर चौथा कोण भी समकोण ही होगा। समांतर चतुर्भुज — सम्मुख भुजाएँ समांतर ⇒ सम्मुख भुजाएँ समान, सम्मुख कोण समान, आसन्न कोणों का योग 180°, विकर्ण एक-दूसरे को समद्विभाजित। समचतुर्भुज में सभी भुजाएँ भी समान होती हैं, अत: उसके विकर्ण लंबवत भी होते हैं और कोणों को भी समद्विभाजित करते हैं। वेन आरेख इस पूरे परि
अभ्यास
- पाठ्य प्रश्न
- पाठ्य प्रश्न
- पाठ्य प्रश्न
- पाठ्य प्रश्न
- पाठ्य प्रश्न
- आइए, पता लगाएँ
- पाठ्य प्रश्न
- पाठ्य प्रश्न
- पाठ्य प्रश्न
- आइए, पता लगाएँ
- जियोबोर्ड गतिविधि
- त्रिभुजों को जोड़ना
- पाठ्य प्रश्न
- आइए, पता लगाएँ
- कौन-सा चौकोर?