गणित प्रकाश अध्याय 5 पाठ्य प्रश्न

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
24 से विभाज्यता की जाँच कैसे की जाए? क्या 24 के गुणनखंडों 4 एवं 6 द्वारा विभाज्यता की जाँच से यह किया जा सकता है? क्यों या क्यों नहीं?
उत्तर

नहीं, इससे काम नहीं चलता। सबसे छोटा प्रति-उदाहरण 12 है।

12 ÷ 4 = 3 ✓   12 ÷ 6 = 2 ✓   किंतु 12 ÷ 24 ✗
क्यों नहीं: 4 = 2 × 2 और 6 = 2 × 3 में गुणनखंड 2 उभयनिष्ठ है। दोनों से विभाज्य होना केवल LCM (4, 6) = 12 से विभाज्यता की गारंटी देता है, 24 से नहीं। 4 और 6 की जाँच पास करके 24 पर असफल होने वाली अन्य संख्याएँ — 36, 60, 84।

अध्याय का सुझाया गया विकल्प है — इसके स्थान पर 3 और 8 से विभाज्यता की जाँच कीजिए।

प्र2.
व्याख्या कीजिए कि क्यों 24 द्वारा विभाज्यता की जाँच 3 एवं 8 द्वारा विभाज्यता की जाँच करके की जा सकती है जबकि 24 द्वारा विभाज्यता की जाँच के लिए 4 एवं 6 द्वारा विभाज्यता की जाँच पर्याप्त नहीं है।
उत्तर

सब कुछ अभाज्य गुणनखंडों में लिखिए—

24 = 2 × 2 × 2 × 3 = 2³ × 3

3 और 8 से। 8 से विभाज्यता संख्या के अभाज्य गुणनखंडन में 2³ रख देती है; 3 से विभाज्यता वहाँ एक 3 रख देती है। ये भिन्न अभाज्य हैं, अत: दोनों समूह साथ-साथ रहते हैं—

संख्या में 2³ × 3 = 24 विद्यमान है ✓
LCM (3, 8) = 3 × 8 = 24

4 और 6 से। 4 से विभाज्यता 2² देती है; 6 से विभाज्यता 2 × 3 देती है। किंतु 6 के भीतर का 2 वही 2 हो सकता है जो 4 के भीतर पहले से है — दोनों माँगें एक-दूसरे पर आ जाती हैं।

4 = 2², 6 = 2 × 3
LCM (4, 6) = 2² × 3 = 12, अर्थात 24 से 2 का एक गुणनखंड कम
सामान्य बात: दो जाँचें k और m मिलकर केवल LCM (k, m) से विभाज्यता सिद्ध करती हैं, इससे अधिक कभी नहीं। अत: कोई जाँच-युग्म किसी संख्या N के लिए तभी काम करता है जब LCM (k, m) = N हो — और यह तभी होता है जब km सहअभाज्य हों तथा उनका गुणनफल N हो।
प्र3.
आपके अनुसार इस अंकीय मूल में कौन-सी विशेषता होगी? स्मरण कीजिए 9 द्वारा विभाज्यता की संक्षिप्त विधि को ज्ञात करते समय हमने ऐसा किया था।
उत्तर

किसी संख्या का अंकीय मूल उसे 9 से भाग देने पर प्राप्त शेषफल ही होता है — केवल इतना अंतर कि 9 के गुणज का अंकीय मूल 0 के स्थान पर 9 आता है।

संख्याअंकीय मूल9 से भाग पर शेषफल
48971029 → 11 → 22
42713 → 44
730919 → 10 → 11
40590
ऐसा क्यों होता है: किसी संख्या के स्थान पर उसके अंकों का योगफल रखने से 9 से भाग का शेषफल नहीं बदलता, क्योंकि संख्या = (9 का एक गुणज) + (अंकों का योगफल)। इस चरण को दोहराते रहने पर शेषफल एक अंक तक अपरिवर्तित रहता है — और एक अंक की संख्याएँ 1 से 9 तक ही हैं, इसीलिए शेषफल 0, 9 के रूप में दिखाई देता है।
प्र4.
संख्या 600 और 700 के मध्य किन संख्याओं का अंकीय मूल है— (i) 5 (ii) 7 (iii) 3?
उत्तर

यहाँ प्रत्येक संख्या 6ab के रूप की है, अत: अंकों का योगफल 6 + a + b है। प्रत्येक स्थिति में a + b का मान निकालिए।

(i) अंकीय मूल 5 → 6 + a + b का मान 5, 14 या 23 → a + b = 8 या 17

608, 617, 626, 635, 644, 653, 662, 671, 680, 689, 698

(ii) अंकीय मूल 7 → 6 + a + b का मान 7 या 16 → a + b = 1 या 10

601, 610, 619, 628, 637, 646, 655, 664, 673, 682, 691

(iii) अंकीय मूल 3 → 6 + a + b का मान 12 या 21 → a + b = 6 या 15

606, 615, 624, 633, 642, 651, 660, 669, 678, 687, 696
क्या आपने देखा? प्रत्येक सूची में 11 संख्याएँ हैं और वे 9-9 की छलाँग लगाती हैं। यह संयोग नहीं है — 9 जोड़ने से 9 से भाग का शेषफल नहीं बदलता, अत: अंकीय मूल वही रहता है।
प्र5.
किन्हीं 12 क्रमागत संख्याओं के अंकीय मूल लिखिए। आपने क्या अवलोकन किया?
उत्तर

25 से 36 तक लीजिए—

संख्या252627282930313233343536
अंकीय मूल789123456789

अवलोकन: अंकीय मूल हर बार 1 बढ़ता है और 9 के बाद पुन: 1 से आरंभ हो जाता है। प्रतिरूप प्रत्येक 9 संख्याओं पर दोहराता है — इसीलिए 12 मूलों में पहले तीन दो बार दिखाई देते हैं।

ऐसा क्यों होता है: संख्या में 1 जोड़ने पर 9 से भाग का शेषफल भी 1 बढ़ जाता है, जब तक वह पुन: 0 न हो जाए — और अंकीय मूल उसे 9 के रूप में दर्ज करता है।
प्र6.
हमने देखा कि 9 के गुणजों का अंकीय मूल सदैव 9 होता है। अब इन संख्याओं के कुछ क्रमागत गुणजों के अंकीय मूल ज्ञात कीजिए— (i) 3 (ii) 4 (iii) 6
उत्तर
3 के गुणज369121518212427
अंकीय मूल369369369

(i) मूल 3, 6, 9 के चक्र में चलते हैं — केवल तीन मान, प्रत्येक 3 गुणजों पर दोहराव।

4 के गुणज4812162024283236
अंकीय मूल483726159

(ii) मूल 4, 8, 3, 7, 2, 6, 1, 5, 9 के चक्र में चलते हैं — दोहराव से पहले नौ के नौ मान आ जाते हैं।

6 के गुणज61218243036
अंकीय मूल639639

(iii) मूल 6, 3, 9 के चक्र में चलते हैं — पुन: केवल तीन मान।

चक्र की लंबाई भिन्न क्यों है: प्रत्येक चरण में मूल में गुणक जुड़ता है और 9 के सापेक्ष गणना होती है। 3 व 6 के लिए यह चरण 9 के साथ गुणनखंड 3 साझा करता है, अत: मूलों में केवल 3 के गुणज ही आते हैं — तीन मान। 4 के लिए 9 के साथ कोई उभयनिष्ठ गुणनखंड नहीं है, अत: चरण अंतत: नौ के नौ मूलों पर पहुँच जाते हैं और चक्र की लंबाई 9 हो जाती है।
प्र7.
6 के गुणजों से 1 अधिक वाली संख्याओं के अंकीय मूल क्या हैं? आपने क्या अवलोकन किया? आपने जो प्रतिरूप देखा उसकी व्याख्या करने का प्रयत्न कीजिए।
उत्तर

मूल 7, 4, 1 के चक्र में चलते हैं।

6k + 171319253137434955
अंकीय मूल741741741

अवलोकन: नौ संभावित मूलों में से केवल तीन ही आते हैं, और वे ठीक वही मूल हैं जो 3 से भाग देने पर शेषफल 1 देते हैं।

व्याख्या: एक ऐसी संख्या से अगली तक जाने में 6 जुड़ता है, अत: अंकीय मूल 6 आगे बढ़ता है और सीमा पार करते ही 9 घट जाता है: 7 → 13 से 4, 4 → 10 से 1, 1 → 7। चूँकि 6 और 9 में गुणनखंड 3 उभयनिष्ठ है, चरण केवल उन्हीं मूलों तक पहुँच सकते हैं जो 7 से 3 के गुणज जितना भिन्न हों — अर्थात 7, 4 और 1। चक्र की लंबाई 9 ÷ 3 = 3 है, ठीक वैसे ही जैसे 3 व 6 के गुणजों के लिए थी।
प्रयास कीजिए: 6 के गुणजों से 2 अधिक संख्याओं — 8, 14, 20, 26, … — के साथ यही कीजिए। मूल 8, 5, 2 के चक्र में चलते हैं। लंबाई वही, केवल एक स्थान खिसकी हुई।
प्र8.
अंकों से हूँ मैं बना, हर एक छोटा और विषम, 1 नहीं है अंकीय मूल मेरा, बात है ये कितनी विषम! मेरे अंक, उनका योग, जो है मेरा मूल सारा, सभी मिलकर करते हैं एक सुदृढ़ संख्या की ओर इशारा; गर्व से कहता हूँ मैं, वह मूल है सबसे बड़ी एक-अंकीय विषम संख्या। क्या है मेरा नाम? कौन-सी हूँ मैं संख्या?
उत्तर

यह संख्या है 11,11,11,111 — एक पंक्ति में नौ बार 1।

भारतीय संख्या पद्धति में इसका नाम: ग्यारह करोड़ ग्यारह लाख ग्यारह हज़ार एक सौ ग्यारह

संकेतों को एक-एक करके पढ़िए—

संकेतयह क्या तय करता है
“अंकों से हूँ मैं बना, हर एक छोटा और विषम”प्रत्येक अंक 1 है — सबसे छोटा विषम अंक
“वह मूल है सबसे बड़ी एक-अंकीय विषम संख्या”लक्ष्य मान 9 है
“मेरे अंक … सभी 9 की ओर इशारा करते हैं”अंकों की संख्या 9 है
“उनका योग … 9 की ओर”1 + 1 + … + 1 (नौ बार) = 9 ✓
“मेरा मूल … 9 की ओर”अंक-योग 9 है, अत: अंकीय मूल 9 ✓
11,11,11,111 = 111111111
अंक: 9   अंकों का योग: 9   अंकीय मूल: 9
और 111111111 = 9 × 12345679 ✓
क्या आप जानते हैं? यह अंतिम भाग स्वयं में एक रोचक बात है — 111111111 ÷ 9 = 12345679, अर्थात 1 से 9 तक के अंक जिनमें 8 अनुपस्थित है।
क्या यह उपयोगी रहा? त्रुटि बताएँ