नहीं, इससे काम नहीं चलता। सबसे छोटा प्रति-उदाहरण 12 है।
अध्याय का सुझाया गया विकल्प है — इसके स्थान पर 3 और 8 से विभाज्यता की जाँच कीजिए।
अद्यतन2026-09-05
नहीं, इससे काम नहीं चलता। सबसे छोटा प्रति-उदाहरण 12 है।
अध्याय का सुझाया गया विकल्प है — इसके स्थान पर 3 और 8 से विभाज्यता की जाँच कीजिए।
सब कुछ अभाज्य गुणनखंडों में लिखिए—
3 और 8 से। 8 से विभाज्यता संख्या के अभाज्य गुणनखंडन में 2³ रख देती है; 3 से विभाज्यता वहाँ एक 3 रख देती है। ये भिन्न अभाज्य हैं, अत: दोनों समूह साथ-साथ रहते हैं—
4 और 6 से। 4 से विभाज्यता 2² देती है; 6 से विभाज्यता 2 × 3 देती है। किंतु 6 के भीतर का 2 वही 2 हो सकता है जो 4 के भीतर पहले से है — दोनों माँगें एक-दूसरे पर आ जाती हैं।
किसी संख्या का अंकीय मूल उसे 9 से भाग देने पर प्राप्त शेषफल ही होता है — केवल इतना अंतर कि 9 के गुणज का अंकीय मूल 0 के स्थान पर 9 आता है।
| संख्या | अंकीय मूल | 9 से भाग पर शेषफल |
|---|---|---|
| 489710 | 29 → 11 → 2 | 2 |
| 427 | 13 → 4 | 4 |
| 7309 | 19 → 10 → 1 | 1 |
| 405 | 9 | 0 |
यहाँ प्रत्येक संख्या 6ab के रूप की है, अत: अंकों का योगफल 6 + a + b है। प्रत्येक स्थिति में a + b का मान निकालिए।
(i) अंकीय मूल 5 → 6 + a + b का मान 5, 14 या 23 → a + b = 8 या 17
(ii) अंकीय मूल 7 → 6 + a + b का मान 7 या 16 → a + b = 1 या 10
(iii) अंकीय मूल 3 → 6 + a + b का मान 12 या 21 → a + b = 6 या 15
25 से 36 तक लीजिए—
| संख्या | 25 | 26 | 27 | 28 | 29 | 30 | 31 | 32 | 33 | 34 | 35 | 36 |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| अंकीय मूल | 7 | 8 | 9 | 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 |
अवलोकन: अंकीय मूल हर बार 1 बढ़ता है और 9 के बाद पुन: 1 से आरंभ हो जाता है। प्रतिरूप प्रत्येक 9 संख्याओं पर दोहराता है — इसीलिए 12 मूलों में पहले तीन दो बार दिखाई देते हैं।
| 3 के गुणज | 3 | 6 | 9 | 12 | 15 | 18 | 21 | 24 | 27 |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| अंकीय मूल | 3 | 6 | 9 | 3 | 6 | 9 | 3 | 6 | 9 |
(i) मूल 3, 6, 9 के चक्र में चलते हैं — केवल तीन मान, प्रत्येक 3 गुणजों पर दोहराव।
| 4 के गुणज | 4 | 8 | 12 | 16 | 20 | 24 | 28 | 32 | 36 |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| अंकीय मूल | 4 | 8 | 3 | 7 | 2 | 6 | 1 | 5 | 9 |
(ii) मूल 4, 8, 3, 7, 2, 6, 1, 5, 9 के चक्र में चलते हैं — दोहराव से पहले नौ के नौ मान आ जाते हैं।
| 6 के गुणज | 6 | 12 | 18 | 24 | 30 | 36 |
|---|---|---|---|---|---|---|
| अंकीय मूल | 6 | 3 | 9 | 6 | 3 | 9 |
(iii) मूल 6, 3, 9 के चक्र में चलते हैं — पुन: केवल तीन मान।
मूल 7, 4, 1 के चक्र में चलते हैं।
| 6k + 1 | 7 | 13 | 19 | 25 | 31 | 37 | 43 | 49 | 55 |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| अंकीय मूल | 7 | 4 | 1 | 7 | 4 | 1 | 7 | 4 | 1 |
अवलोकन: नौ संभावित मूलों में से केवल तीन ही आते हैं, और वे ठीक वही मूल हैं जो 3 से भाग देने पर शेषफल 1 देते हैं।
यह संख्या है 11,11,11,111 — एक पंक्ति में नौ बार 1।
भारतीय संख्या पद्धति में इसका नाम: ग्यारह करोड़ ग्यारह लाख ग्यारह हज़ार एक सौ ग्यारह।
संकेतों को एक-एक करके पढ़िए—
| संकेत | यह क्या तय करता है |
|---|---|
| “अंकों से हूँ मैं बना, हर एक छोटा और विषम” | प्रत्येक अंक 1 है — सबसे छोटा विषम अंक |
| “वह मूल है सबसे बड़ी एक-अंकीय विषम संख्या” | लक्ष्य मान 9 है |
| “मेरे अंक … सभी 9 की ओर इशारा करते हैं” | अंकों की संख्या 9 है |
| “उनका योग … 9 की ओर” | 1 + 1 + … + 1 (नौ बार) = 9 ✓ |
| “मेरा मूल … 9 की ओर” | अंक-योग 9 है, अत: अंकीय मूल 9 ✓ |