गणित प्रकाश अध्याय 5 पाठ्य प्रश्न

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
निम्नलिखित प्रक्रिया का अवलोकन कीजिए। 1. इकाई के अंक से प्रारंभ करते हुए प्रत्येक अंक के आगे एकांतर क्रम में ‘+’ एवं ‘–’ चिह्न लगाइए। 2. व्यंजक का मान ज्ञात कीजिए। 3. यह परिणाम संख्या को 11 से विभाजित करने पर मिलने वाले शेषफल को दर्शाता है। जो विधि हमने इस विधि से ठीक पूर्व में देखी क्या यह विधि उसके समान है या उससे भिन्न है?
उत्तर

यह वही विधि है, केवल अधिक संक्षेप में लिखी गई।

पूर्व की विधि (320185)एकांतर चिह्न वाली विधि
कुल अधिकता = 2 + 1 + 5 = 8 (स्थान 1, 100, 10000)इन अंकों पर ‘+’ लगता है
कुल न्यूनता = 3 + 0 + 8 = 11 (स्थान 10, 1000, 100000)इन अंकों पर ‘–’ लगता है
8 – 11 = – 3– 3 + 2 – 8 + 1 – 0 + 5 = – 3
दोनों एक ही क्यों हैं: (कुल अधिकता) – (कुल न्यूनता) लिखने का अर्थ ही है कुछ अंकों को जोड़ना और शेष को घटाना। कौन-सा अंक कौन-सा चिह्न पाएगा, यह स्थानीय मान तय करता है — और स्थानीय मान 11 के गुणज से एकांतर क्रम में 1 अधिक व 1 कम होते हैं। अत: इकाई से आरंभ करके एकांतर चिह्न लगाना वही गणना है, बस एक पंक्ति में।
संकेत: संक्षिप्त रूप तेज़ है और उसमें त्रुटि की संभावना कम है, किंतु पहला रूप ही यह समझाता है कि ऐसा क्यों होता है। 320185 के लिए दोनों – 3 देते हैं: 11 के गुणज से 3 कम या 8 अधिक।
प्र2.
नीचे दी गई सारणी में संक्षिप्त विधि का उपयोग करते हुए रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए। (संख्याएँ 128, 990, 1586, 275, 6686, 639210, 429714, 2856, 3060, 406839 — 2, 3, 4, 5, 6, 8, 9, 10, 11 से विभाज्यता) क्या इसे शीघ्रता से करने का कोई उपाय है?
उत्तर
संख्या23456891011
128हाँनहींहाँनहींनहींहाँनहींनहींनहीं
990हाँहाँनहींहाँहाँनहींहाँहाँहाँ
1586हाँनहींनहींनहींनहींनहींनहींनहींनहीं
275नहींनहींनहींहाँनहींनहींनहींनहींहाँ
6686हाँनहींनहींनहींनहींनहींनहींनहींनहीं
639210हाँहाँनहींहाँहाँनहींनहींहाँहाँ
429714हाँहाँनहींनहींहाँनहींहाँनहींनहीं
2856हाँहाँहाँनहींहाँहाँनहींनहींनहीं
3060हाँहाँहाँहाँहाँनहींहाँहाँनहीं
406839नहींहाँनहींनहींनहींनहींनहींनहींनहीं

शीघ्र उपाय — प्रत्येक पंक्ति के लिए केवल चार जाँच कीजिए और शेष पढ़ लीजिए—

  • 2 — इकाई अंक सम हो। 5 — इकाई अंक 0 या 5 हो। 10 — इकाई अंक 0 हो (अर्थात 2 और 5 दोनों)।
  • 3 और 9 — एक ही अंक-योग दोनों के काम आता है। यदि अंक-योग 9 का गुणज है तो वह स्वत: 3 का भी गुणज है।
  • 6 — कोई नया श्रम नहीं: यह केवल 2 और 3 है।
  • 4 — अंतिम दो अंक; 8 — अंतिम तीन अंक।
  • 11 — इकाई से आरंभ करके अंकों का एकांतर योग।
639210 → अंक-योग 21 → 3 का गुणज, 9 का नहीं
→ एकांतर योग 0 – 1 + 2 – 9 + 3 – 6 = – 11 → 11 का गुणज ✓
→ अंतिम दो अंक 10 → 4 का गुणज नहीं
पुस्तक की नमूना पंक्ति पर ध्यान दीजिए: पृष्ठ 129 की मुद्रित सारणी में 128 को 4 से विभाज्य नहीं दर्शाया गया है। यह मुद्रण की त्रुटि है — 128 = 4 × 32, अत: वहाँ हाँ होना चाहिए। (वस्तुत: 128 = 2⁷ है, अत: यह 2, 4, 8, 16, 32, 64 व 128 सभी से विभाज्य है।)
प्र3.
हम कैसे ज्ञात कर सकते हैं कि क्या कोई संख्या 6 से विभाज्य है?
उत्तर

2 से और 3 से विभाज्यता की जाँच कीजिए — दोनों सत्य होनी चाहिए।

6 = 2 × 3, और 2 व 3 में कोई उभयनिष्ठ गुणनखंड नहीं
LCM (2, 3) = 6
यह क्यों कार्य करती है: यदि कोई संख्या 2 से और 3 से भी विभाज्य है तो पृष्ठ 121 के नियम से वह LCM (2, 3) = 6 से विभाज्य है। इसके विपरीत, यदि वह 6 से विभाज्य है तो वह 6 के सभी गुणनखंडों से विभाज्य है, अर्थात 2 व 3 से। दोनों जाँचें तुल्य हैं।
प्र4.
क्या 6 से विभाज्यता की जाँच इसके गुणनखंडों 2 एवं 3 से विभाज्यता द्वारा की जा सकती है? दी गई संख्याओं पर 2 एवं 3 के लिए विभाज्यता की संक्षिप्त विधियों का उपयोग कीजिए एवं प्रत्येक संख्या को 6 से विभाजित करके अपने उत्तर की जाँच कीजिए— 38, 225, 186, 64
उत्तर

हाँ, यह हर बार कार्य करती है।

संख्या÷ 2?अंक-योग → ÷ 3?पूर्वानुमानवास्तविक ÷ 6
38हाँ11 → नहींविभाज्य नहीं38 = 6 × 6 + 2 ✓
225नहीं9 → हाँविभाज्य नहीं225 = 6 × 37 + 3 ✓
186हाँ15 → हाँविभाज्य186 = 6 × 31 ✓
64हाँ10 → नहींविभाज्य नहीं64 = 6 × 10 + 4 ✓

ध्यान दीजिए कि 38 और 64, 2 की जाँच पास करते हैं किंतु 3 की नहीं, और 225 इसका उलटा करती है। दोनों जाँचें पास होनी चाहिए।

क्या यह उपयोगी रहा? त्रुटि बताएँ