मल्हार अध्याय 10 खोजबीन के लिए

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
नीचे दी गई इंटरनेट कड़ी का प्रयोग करके आप सुभाषचंद्र बोस पर आधारित फिल्म देख सकते हैं। • ‘आजाद हिंद फौज’ के विषय में और अधिक जानकारी जुटाइए और अपनी कक्षा में प्रस्तुत कीजिए।
उत्तर

पुस्तक में दी गई कड़ी (क्यू-आर कोड) से फ़िल्म देखिए, फिर नीचे दिए ढाँचे पर अपनी प्रस्तुति बनाइए। खोजबीन का उत्तर तभी अच्छा होता है जब वह जानकारी को क्रम में रखे।

प्रस्तुति के लिए आधार-बिंदु —

  • नाम — ‘आजाद हिंद फौज’ को अंग्रेज़ी में Indian National Army (आई.एन.ए.) कहा जाता है।
  • आरंभ — दूसरे विश्वयुद्ध के समय दक्षिण-पूर्व एशिया में बनी। इसमें वे भारतीय सैनिक शामिल हुए जो युद्धबंदी बन चुके थे, और वहाँ बसे भारतीय नागरिक भी।
  • नेतृत्व — सन् 1943 में नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने इसका नेतृत्व सँभाला और वहीं ‘आजाद हिंद’ की अस्थायी सरकार बनाई।
  • टुकड़ियाँ — गांधी ब्रिगेड, नेहरू ब्रिगेड, आजाद ब्रिगेड, और स्त्रियों की रानी झाँसी रेजिमेंट
  • नारे और गीत — ‘दिल्ली चलो’, ‘जय हिंद’, ‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूँगा’; ‘कदम कदम बढ़ाए जा’ इसका कूच-गीत था।
  • विशेषता — इसमें भारत के हर प्रांत और हर धर्म के सैनिक एक साथ थे, भोजन और वर्दी में कोई भेद नहीं था — यानी वह फौज ही नेताजी के ‘जातिभेद-रहित समाज’ का छोटा नमूना थी।
  • बाद में — युद्ध के बाद दिल्ली के लाल क़िले में इसके अधिकारियों पर चले मुक़दमों ने पूरे देश में जनभावना जगा दी।
प्रस्तुति कैसी हो: पाँच-सात मिनट, एक नक्शा (कहाँ-कहाँ फौज सक्रिय रही), दो-तीन चित्र और अंत में एक प्रश्न कक्षा के लिए — जैसे, ‘एक ही फौज में इतने प्रांतों और भाषाओं के सैनिक बिना भेदभाव के कैसे रह पाए होंगे?’ जानकारी कहाँ से ली, यह अवश्य बताइए।
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