मल्हार अध्याय 3 भाषा की बात

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
(क) नीचे दिए गए रिक्त स्थानों में ‘स्वप्न’ से जुड़े शब्द अपने समूह में चर्चा करके लिखिए— (पुस्तक में ‘स्वप्न’ को केंद्र में रखकर एक शब्द-जाल दिया गया है, जिसमें ऊपर की पंक्ति में 4, बीच की पंक्ति में 3 और नीचे की पंक्ति में 2 — कुल 9 रिक्त खाने हैं।)
उत्तर

‘स्वप्न’ से जुड़े शब्द तीन तरह के हो सकते हैं — पर्यायवाची (वही अर्थ), भाव से जुड़े शब्द (सपने के साथ आने वाले भाव) और क्रिया-रूप (सपने के साथ चलने वाली क्रियाएँ)। नौ खाने भरने के लिए इसी क्रम से चलिए।

वर्गशब्द (शब्द-जाल में भरने के लिए)
पर्यायवाची (ऊपर की पंक्ति — 4 खाने)सपना  ·  ख़्वाब  ·  कल्पना  ·  अभिलाषा
भाव से जुड़े शब्द (बीच की पंक्ति — 3 खाने)आकांक्षा  ·  लक्ष्य  ·  उम्मीद (आशा)
क्रिया / विशेषण रूप (नीचे की पंक्ति — 2 खाने)स्वप्नदर्शी  ·  स्वप्निल

और भी शब्द जो आप चुन सकते हैं: अरमान, मंसूबा, संकल्प, इच्छा, चाह, ललक, दिवास्वप्न, स्वप्नलोक, सपनीला, स्वप्नभंग, सपने देखना, सपना सँजोना, सपना साकार होना, सपना टूटना।

वर्गीकरण क्यों उपयोगी है: शब्द-जाल में ऊपर से नीचे की ओर शाखाएँ जाती हैं। यदि आप एक ही तरह के नौ शब्द भर देंगे तो जाल बनेगा ही नहीं। पहले पर्यायवाची, फिर उनसे जुड़े भाव, फिर उन भावों से बने शब्द — इस क्रम से भरने पर जाल सचमुच एक ‘शब्द-परिवार’ जैसा दिखता है।
ध्यान रखिए: ‘यथार्थ’ को इस जाल में मत जोड़िए — वह ‘स्वप्न’ का विलोम है, पर्याय नहीं। इसी बात की जाँच अगले प्रश्न में भी होती है।
प्र2.
(ख) कविता में से चुनकर कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं और उनके सामने कुछ अन्य शब्द भी दिए गए हैं। उन शब्दों पर घेरा बनाइए जो समान अर्थ न देते हों— पृथ्वी: धरा, वसुधा, अवनि, सुता | चाँद: मधुकर, शशि, निशाकर, मयंक | तारे: नक्षत्र, सोम, तारक, उडुगण | रोशनी: प्रकाश, लालिमा, उजाला, आलोक | स्वप्न: सपना, इच्छा, यथार्थ, कल्पना | दीया: दीन, ज्योति, दीपक, प्रदीप
उत्तर

जिन शब्दों पर घेरा बनाना है, वे नीचे नारंगी रंग में हैं। (पुस्तक में पहली पंक्ति का उत्तर सुता उदाहरण के रूप में पहले से घेरा हुआ है।)

शब्दअन्य शब्दघेरा बनाइएकारण
पृथ्वीधरा · वसुधा · अवनि · सुतासुताधरा, वसुधा और अवनि — तीनों पृथ्वी के पर्यायवाची हैं। सुता का अर्थ है पुत्री / बेटी
चाँदमधुकर · शशि · निशाकर · मयंकमधुकरशशि, निशाकर और मयंक — तीनों चंद्रमा के नाम हैं (निशाकर = रात का करने वाला)। मधुकर का अर्थ है भौंरा, जो मधु इकट्ठा करता है।
तारेनक्षत्र · सोम · तारक · उडुगणसोमनक्षत्र, तारक और उडुगण — तीनों तारों के लिए हैं (उडुगण = तारों का समूह)। सोम चंद्रमा का नाम है, तारे का नहीं।
रोशनीप्रकाश · लालिमा · उजाला · आलोकलालिमाप्रकाश, उजाला और आलोक — तीनों रोशनी के पर्यायवाची हैं। लालिमा का अर्थ है लाल रंग की आभा — यह रंग बताता है, रोशनी नहीं।
स्वप्नसपना · इच्छा · यथार्थ · कल्पनायथार्थसपना और कल्पना स्वप्न के निकट हैं। यथार्थ का अर्थ है वास्तविकता — यह स्वप्न का ठीक उलटा है। (‘इच्छा’ भी पूरा पर्यायवाची नहीं है, इसलिए कुछ विद्यार्थी उस पर भी घेरा बना सकते हैं; पर सबसे स्पष्ट उत्तर यथार्थ ही है।)
दीयादीन · ज्योति · दीपक · प्रदीपदीनज्योति, दीपक और प्रदीप — तीनों दीये या उसकी लौ से जुड़े हैं। दीन का अर्थ है ग़रीब, असहाय। ध्यान दीजिए — ‘दीन’ और ‘दीप’ केवल सुनने में मिलते-जुलते हैं, अर्थ में नहीं।
यह अभ्यास क्यों: पर्यायवाची शब्द रटने की चीज़ नहीं, पहचानने की चीज़ हैं। यहाँ हर पंक्ति में एक शब्द जान-बूझकर ऐसा रखा गया है जो सुनने में मेल खाता है पर अर्थ में नहीं — सुता/वसुधा, सोम/उडुगण, दीन/दीप। इससे यह आदत बनती है कि शब्द को ध्वनि से नहीं, अर्थ से जाँचा जाए।
याद रखने की तरकीब: चंद्रमा के नाम प्राय: रात से बनते हैं — निशाकर (निशा = रात), शशि, मयंक, सोम। इसलिए ‘सोम’ तारों की पंक्ति में देखते ही खटक जाना चाहिए।
क्या यह उपयोगी रहा? त्रुटि बताएँ