मल्हार अध्याय 3 आना-जाना

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
‘आना’ और ‘जाना’ दो महत्वपूर्ण क्रियाएँ हैं। कक्षा में दो समूह बनाइए। एक समूह का नाम ‘आना’ और दूसरे समूह का नाम ‘जाना’ होगा। अब अपने-अपने समूह में इन दोनों क्रियाओं का प्रयोग करते हुए सार्थक वाक्य बनाइए और उन्हें चार्ट पेपर पर चिपकाकर अपनी कक्षा में लगाइए।
उत्तर

यह कक्षा में करने की गतिविधि है। दोनों समूह वाक्य बनाकर चार्ट पेपर पर लगाएँ। नीचे दोनों समूहों के लिए नमूना वाक्य दिए गए हैं — इनमें क्रिया के सामान्य प्रयोग और मुहावरेदार प्रयोग दोनों रखे गए हैं, क्योंकि ‘आना’ और ‘जाना’ हिंदी में अनेक अर्थों में चलते हैं।

समूह ‘आना’समूह ‘जाना’
दादी कल गाँव से आ रही हैं।हम रविवार को नानी के घर जाएँगे।
मुझे तैरना अच्छी तरह आता है।बिजली चली गई, इसलिए पंखा बंद हो गया।
परीक्षा का परिणाम कल जाएगा।यह दाग़ धोने पर भी नहीं गया
उसकी बात सुनकर मुझे हँसी गई।मेरा सारा दिन तैयारी में चला गया
इस बार गेहूँ की अच्छी फ़सल आई है।कवि कहता है — “जा, तेरे स्वप्न बड़े हों।”
धीरे-धीरे उसे हिंदी लिखनी आने लगी।वह अपने सपने के पीछे बहुत दूर तक गया
ध्यान देने की बात: हिंदी में ‘आना’ का अर्थ हमेशा ‘पास आना’ नहीं होता — “तैरना आता है” में इसका अर्थ है ज्ञान होना, और “हँसी आ गई” में अपने आप हो जाना। इसी तरह ‘जाना’ का अर्थ केवल ‘दूर जाना’ नहीं — “बिजली चली गई” में इसका अर्थ है समाप्त हो जाना। इसीलिए इन्हें सहायक क्रिया भी कहा जाता है।
चार्ट कैसे बनाएँ: चार्ट को दो भागों में बाँटिए — ‘सीधा अर्थ’ और ‘दूसरे अर्थ’। हर वाक्य में क्रिया को अलग रंग से लिखिए, ताकि पूरी कक्षा एक नज़र में देख सके कि एक ही क्रिया कितने अर्थ दे रही है।
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