यह करने वाली गतिविधि है। इसे ठीक से करने के लिए यह क्रम अपनाइए —
- पौधा चुनिए — वही जो आपके क्षेत्र में आसानी से पनपे। नीम, पीपल, अमरूद, जामुन, अमलतास, गुड़हल, तुलसी — स्थानीय पौधे सबसे कम देखभाल माँगते हैं। नर्सरी या वन विभाग से पूछ लीजिए।
- जगह चुनिए — जहाँ बड़ा होने पर उसे जगह मिले, धूप आती हो और वह किसी दीवार या तार के नीचे न हो।
- लगाइए — गड्ढा पौधे की जड़ से थोड़ा बड़ा, नीचे थोड़ी खाद, फिर मिट्टी दबाकर तुरंत पानी। आसपास घेरा लगा दीजिए ताकि पशु न पहुँचें।
- देखभाल — शुरू के कुछ हफ्ते रोज पानी, फिर सप्ताह में दो-तीन बार। खरपतवार हटाते रहिए। महीने में एक बार जड़ के पास की मिट्टी हल्की खोद दीजिए ताकि हवा मिले।
- नाम दीजिए — जैसे ‘सज्जन’, ‘मीत’, ‘छाया’, ‘हरिया’। नाम देने से लगाव बनता है और लगाव से देखभाल छूटती नहीं।
| मेरा पौधा | विवरण |
|---|---|
| नाम | सज्जन |
| प्रकार | नीम |
| लगाने का दिनांक | 5 जुलाई 20XX |
| स्थान | विद्यालय के मैदान का उत्तरी कोना |
| देखभाल का दिन | प्रत्येक मंगलवार और शनिवार |