पहले गतिविधि कीजिए, तब लिखिए। बैठने का तरीका — सीधी कमर, आँखें बंद या अधखुली, हाथ घुटनों पर, साँस सामान्य। पाँच मिनट का समय पहले से लगा लीजिए ताकि बार-बार घड़ी न देखनी पड़े।
अनुच्छेद में क्या-क्या लिखिए
- पहले एक मिनट में क्या हुआ (प्रायः मन इधर-उधर भागता है)
- कौन-कौन सी ध्वनियाँ सुनाई दीं — जो पहले सुनाई नहीं देती थीं
- साँस पर ध्यान देते समय क्या बदला
- पाँच मिनट बाद कैसा लगा
नमूना उत्तर: जब मैं आँखें बंद करके बैठा तो पहले एक मिनट में मन बिल्कुल स्थिर नहीं हुआ — कभी गृहकार्य याद आया, कभी कल का खेल। फिर मैंने ध्यान केवल साँस पर लगाया — भीतर जाती हवा ठंडी लगती है और बाहर आती हवा हल्की गरम। इसके बाद धीरे-धीरे आवाजें अलग-अलग सुनाई देने लगीं। पंखे की घरघराहट, दूर सड़क पर किसी गाड़ी का हॉर्न, बगल के पेड़ पर बैठी चिड़िया, और सबसे पास — मेरी अपनी साँस। ये सारी आवाजें पहले भी थीं, पर मैंने कभी सुनी नहीं थीं। पाँच मिनट बाद जब मैंने आँखें खोलीं तो शरीर हल्का लगा और मन में जल्दबाजी नहीं थी। मुझे लगा कि ध्यान का अर्थ मन को रोकना नहीं, उसे एक जगह टिकने देना है।