मल्हार अध्याय 6 ‘कि’ और ‘की’ का उपयोग

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
अब नीचे दिए गए वाक्यों में इन दोनों शब्दों का उपयुक्त प्रयोग कीजिए— 1. वृद्धा ने कहा ______ वह झोंपड़ी को लेने नहीं आई है। 2. वह अपनी पोती ______ चिंता में दुखी हो गई थी। 3. वृद्धा ने प्रार्थना ______ ______ टोकरी को ज़रा हाथ लगाइए। 4. पोती हमेशा कहती थी ______ वह अपने घर में ही खाना खाएगी। 5. झोंपड़ी ______ मिट्टी से वृद्धा चूल्हा बनाना चाहती थी। 6. उसे विश्वास था ______ मिट्टी का चूल्हा देखकर पोती खाना खाने लगेगी। 7. वृद्धा ______ आँखों से आँसुओं ______ धारा बहने लगी। 8. उसने यह सोचा ______ झोंपड़ी से मिट्टी ले जाकर चूल्हा बनाऊँगी। 9. वृद्धा के मन ______ पीड़ा उसकी बातों में झलक रही थी। 10. ज़मींदार इतने लज्जित हुए ______ टोकरी उठाने की बात मान ली। 11. उस झोंपड़ी ______ हर दीवार वृद्धा ______ यादों से भरी थी।
उत्तर

पहले नियम, फिर उत्तर — तब कोई भी नया वाक्य आप स्वयं भर सकेंगे।

कि = संयोजक। दो वाक्यों को जोड़ता है और बताता है — क्या कहा गया, क्या सोचा गया, क्या देखा गया।
की = संबंधसूचक कारक। दो संज्ञाओं के बीच संबंध बताता है; इसके साथी शब्द हैं का और के
क्रमपूरा वाक्यसही शब्द
1.वृद्धा ने कहा कि वह झोंपड़ी को लेने नहीं आई है।कि
2.वह अपनी पोती की चिंता में दुखी हो गई थी।की
3.वृद्धा ने प्रार्थना की कि टोकरी को ज़रा हाथ लगाइए।की, कि
4.पोती हमेशा कहती थी कि वह अपने घर में ही खाना खाएगी।कि
5.झोंपड़ी की मिट्टी से वृद्धा चूल्हा बनाना चाहती थी।की
6.उसे विश्वास था कि मिट्टी का चूल्हा देखकर पोती खाना खाने लगेगी।कि
7.वृद्धा की आँखों से आँसुओं की धारा बहने लगी।की, की
8.उसने यह सोचा कि झोंपड़ी से मिट्टी ले जाकर चूल्हा बनाऊँगी।कि
9.वृद्धा के मन की पीड़ा उसकी बातों में झलक रही थी।की
10.ज़मींदार इतने लज्जित हुए कि टोकरी उठाने की बात मान ली।कि
11.उस झोंपड़ी की हर दीवार वृद्धा की यादों से भरी थी।की, की
पहचानने के तीन आसान परीक्षण:
  • पहले का शब्द देखिए। यदि उससे पहले कहा, सोचा, देखा, सुना, विश्वास था, भरोसा है, लगा जैसा कोई शब्द है, तो कि आएगा — क्योंकि आगे उसी की बात बताई जा रही है (वाक्य 1, 4, 6, 8)।
  • दोनों ओर संज्ञा है क्या? ‘पोती __ चिंता’, ‘झोंपड़ी __ मिट्टी’, ‘मन __ पीड़ा’ — दोनों ओर संज्ञा हो तो की (वाक्य 2, 5, 7, 9, 11)।
  • का / के लगाकर देखिए। जहाँ ‘की’ की जगह ‘का’ या ‘के’ फिट बैठ सकता हो, वहीं ‘की’ है — ‘झोंपड़ी की मिट्टी / झोंपड़ी का दरवाज़ा / झोंपड़ी के कोने’। ‘कि’ की जगह ‘का’ कभी नहीं बैठेगा।
वाक्य 3 और 10 पर ध्यान: वाक्य 3 में दो-दो रिक्त स्थान हैं — पहला क्रिया वाला ‘की’ (प्रार्थना करना → प्रार्थना की), दूसरा जोड़ने वाला ‘कि’। और वाक्य 10 में ‘इतने… कि’ एक जोड़ी है, जो परिणाम बताती है — जैसे ‘इतनी तेज़ दौड़ा कि गिर पड़ा’।
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