मल्हार अध्याय 6 मुहावरे

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
“बाल की खाल निकालने वाले वकीलों की थैली गरम कर उन्होंने अदालत से झोंपड़ी पर अपना कब्जा कर लिया।” (क) इस वाक्य में मुहावरों की पहचान करके उन्हें रेखांकित कीजिए।
उत्तर

इस एक वाक्य में दो मुहावरे हैं —

बाल की खाल निकालने वाले वकीलों की थैली गरम कर उन्होंने अदालत से झोंपड़ी पर अपना कब्जा कर लिया।”
मुहावराअर्थवाक्य में यह क्या बता रहा है
बाल की खाल निकालनाव्यर्थ की बारीकियाँ निकालना, हर बात में मीन-मेख करनावकील कानून की छोटी-से-छोटी दरार पकड़कर रास्ता निकालने वाले थे।
थैली गरम करनारिश्वत देना, घूस खिलानाज़मींदार ने उन वकीलों को पैसे खिलाए।
दो मुहावरे, पूरा सच: यदि लेखक सीधे लिखता कि ‘ज़मींदार ने वकीलों को रिश्वत दी और मुकदमा जीत लिया’, तो बात सपाट रह जाती। इन दो मुहावरों से एक साथ तीन बातें आ जाती हैं — वकीलों का चरित्र, ज़मींदार का तरीका, और लेखक का व्यंग्य। ध्यान दीजिए कि आगे लिखा है ‘अदालत से… कब्जा कर लिया’। अदालत तो न्याय की जगह है, पर यहाँ वह अन्याय का साधन बन गई — और इसकी सारी ज़िम्मेदारी इन्हीं दो मुहावरों पर टिकी है।
ध्यान रखिए: ‘कब्जा कर लेना’ मुहावरा नहीं, सामान्य क्रिया है — उसका अर्थ वही है जो शब्दों से निकलता है। मुहावरा वही है जिसका अर्थ उसके शब्दों से अलग हो।
प्र2.
(ख) ‘बाल’ शब्द से जुड़े निम्नलिखित मुहावरों का प्रयोग करते हुए वाक्य बनाइए। • बाल बाँका न होना— कुछ भी कष्ट या हानि न पहुँचना। पूर्ण रूप से सुरक्षित रहना। • बाल बराबर— बहुत सूक्ष्म। बहुत महीन या पतला। • बाल बराबर फर्क होना— ज़रा-सा भी भेद होना। सूक्ष्मतम अंतर होना। • बाल-बाल बचना— कोई विपत्ति आने या हानि पहुँचने में बहुत थोड़ी कमी रह जाना।
उत्तर
मुहावराअर्थवाक्य
बाल बाँका न होनाकुछ भी कष्ट या हानि न पहुँचना, पूरी तरह सुरक्षित रहनाइतनी बड़ी दुर्घटना में बस पलट गई, पर ड्राइवर का बाल बाँका न हुआ
बाल बराबरबहुत सूक्ष्म, बहुत महीन या पतलादीवार में बाल बराबर दरार थी, फिर भी बरसात का पानी भीतर आ गया।
बाल बराबर फर्क होनाज़रा-सा भी भेद होना, सूक्ष्मतम अंतर होनादोनों जुड़वाँ बहनों की आवाज़ में बाल बराबर फर्क भी नहीं है, इसीलिए फोन पर सब धोखा खा जाते हैं।
बाल-बाल बचनाविपत्ति आने में बहुत थोड़ी कमी रह जानागेंद ठीक खिड़की की ओर आई, पर काँच टूटने से हम बाल-बाल बचे
‘बाल’ से जुड़ा एक और: ‘बाल की खाल निकालना’ — जो अभी इसी पाठ में आया है। ध्यान दीजिए कि इन सभी मुहावरों में ‘बाल’ का काम एक ही है — वह सबसे छोटी, सबसे महीन चीज़ का माप बन जाता है। ‘बाल बराबर फर्क न होना’ यानी इतना भी अंतर नहीं जितना एक बाल; ‘बाल-बाल बचना’ यानी बचने और न बचने के बीच बस एक बाल की दूरी थी।
वाक्य बनाते समय: मुहावरे को वाक्य में उसी रूप में रखिए जिस रूप में वह चलता है, और उसका अर्थ अलग से मत लिखिए। ‘वह बाल-बाल बच गया अर्थात् उसे थोड़ी चोट लगी’ — ऐसा लिखना मुहावरे को मार देना है।
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