प्र1.
नीचे दिए गए वाक्यों को वर्तमान और भविष्य काल में बदलिए—
(क) वह गिड़गिड़ाकर बोली।
(ख) श्रीमान् ने आज्ञा दे दी।
(ग) उसकी आँखों से आँसू की धारा बहने लगी।
(घ) ज़मींदार साहब को अपने महल का अहाता उस झोंपड़ी तक बढ़ाने की इच्छा हुई।
(ङ) उन्होंने वृद्धा से क्षमा माँगी और उसकी झोंपड़ी वापस दे दी।
उत्तर
पाँचों वाक्य भूतकाल में हैं — इनमें बताया गया है कि काम पहले ही हो चुका है।
| भूतकाल (पाठ का वाक्य) | वर्तमान काल | भविष्य काल | |
|---|---|---|---|
| (क) | वह गिड़गिड़ाकर बोली। | वह गिड़गिड़ाकर बोलती है। | वह गिड़गिड़ाकर बोलेगी। |
| (ख) | श्रीमान् ने आज्ञा दे दी। | श्रीमान् आज्ञा दे देते हैं। | श्रीमान् आज्ञा दे देंगे। |
| (ग) | उसकी आँखों से आँसू की धारा बहने लगी। | उसकी आँखों से आँसू की धारा बहने लगती है। | उसकी आँखों से आँसू की धारा बहने लगेगी। |
| (घ) | ज़मींदार साहब को अपने महल का अहाता उस झोंपड़ी तक बढ़ाने की इच्छा हुई। | ज़मींदार साहब को अपने महल का अहाता उस झोंपड़ी तक बढ़ाने की इच्छा होती है। | ज़मींदार साहब को अपने महल का अहाता उस झोंपड़ी तक बढ़ाने की इच्छा होगी। |
| (ङ) | उन्होंने वृद्धा से क्षमा माँगी और उसकी झोंपड़ी वापस दे दी। | वे वृद्धा से क्षमा माँगते हैं और उसकी झोंपड़ी वापस दे देते हैं। | वे वृद्धा से क्षमा माँगेंगे और उसकी झोंपड़ी वापस दे देंगे। |
बदलते समय ‘ने’ का क्या हुआ: (ख) और (ङ) में भूतकाल के वाक्य ‘श्रीमान् ने’, ‘उन्होंने’ से शुरू होते हैं, पर वर्तमान और भविष्य में ‘ने’ हट जाता है और ‘उन्होंने’ लौटकर ‘वे’ हो जाता है। कारण यह है कि हिंदी में ‘ने’ केवल भूतकाल की सकर्मक क्रियाओं के साथ आता है — ‘उसने लिखा’ ठीक है, पर ‘उसने लिखता है’ नहीं। इसी नियम को ध्यान में रखकर वाक्य बदलिए, वरना काल तो बदल जाएगा पर वाक्य अशुद्ध रह जाएगा।
याद रखिए — क्रिया के जिस रूप से पता चले कि काम कब हुआ, हो रहा है या होने वाला है, उसे काल कहते हैं। भूतकाल — काम पहले हो चुका (बोली, दे दी, हुई)। वर्तमान काल — काम अभी हो रहा है या सामान्य रूप से होता रहता है (बोलती है, देते हैं)। भविष्य काल — काम आने वाले समय में होगा (बोलेगी, देंगे)।