कक्षा ८ हिंदी अध्याय 6 एक टोकरी भर मिट्टी के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन 2026-09-19

इस अध्याय के बारे में

कहानी बहुत छोटी है — मुश्किल से दो पृष्ठ — पर उसमें अन्याय, मोह, पश्चाताप और क्षमा, चारों आ जाते हैं। लेखक माधवराव सप्रे (1871–1926) का जन्म दमोह (मध्य प्रदेश) में हुआ; उनकी मातृभाषा मराठी थी और वे लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की प्रेरणा से हिंदी में आए। कथा-सूत्र — ज़मींदार अपने महल का अहाता बढ़ाना चाहता है; वृद्धा झोंपड़ी छोड़ने से मना करती है; ज़मींदार वकीलों की थैली गरम कर अदालत से कब्ज़ा कर लेता है और उसे निकाल देता है। मोड़ (टर्निंग पॉइंट) एक ही दृश्य में आता है — वृद्धा पोती के लिए एक टोकरी मिट्टी माँगती है और ज़मींदार से उसे उठवाना चाहती है। ज़मींदार पूरी ताकत लगाकर भी टोकरी एक हाथ भी ऊँची नहीं कर पाता । वृद्धा का प्रश्न ही कहानी का मर्म है — “आपसे तो एक टोकरी भर मिट्टी उठाई नहीं जाती और इस झोंपड़ी में तो हजारों टोकरियाँ मिट्टी पड़ी है। उसका भार आप जन्म-भर कैसे उठा सकेंगे?” यहाँ भार शा

त्वरित पुनरावृत्ति
शब्द / मुहावराअर्थकहानी में कहाँ आयाआज की भाषा में
अहातामकान के चारों ओर घिरा हुआ खुला भाग, चारदीवारी“ज़मींदार साहब को अपने महल का अहाता उस झोंपड़ी तक बढ़ाने की इच्छा हुई।”परिसर, कंपाउंड
पतोहूपुत्रवधू, बहू“पतोहू भी एक पाँच बरस की कन्या को छोड़कर चल बसी थी।”बहू
मृतप्रायजो मरने जैसा हो गया हो, अधमरा“तब से वह मृतप्राय हो गई थी।”जीते-जी मुरदा-सा
निष्फलजिसका कोई फल न निकले, बेकार“श्रीमान् के सब प्रयत्न निष्फल हुए।”नाकाम
ज़मींदारी चालज़मींदारों जैसी चालबाज़ी, रसूख का दाँव“तब वे अपनी ज़मींदारी चाल चलने लगे।”रुतबे का इस्तेमाल
बाल की खाल निकालनाव्यर्थ की बारीकियाँ निकालना, हर बात में मीन-मेख करना“बाल की खाल निकालने वाले वकीलों…”बाल की खाल निकालना
थैली गरम करनारिश्वत देना, घूस खिलाना“…वकीलों की थैली गरम कर उन्होंने अदालत से…”घूस देना
गिड़गिड़ानादीन होकर बार-बार गिड़गिड़ाकर विनती करना“पर वह गिड़गिड़ाकर बोली…”हाथ-पैर जोड़ना
पूर्वस्थितिपहले की दशा, बीता हुआ अच्छा समय“जब उसे अपनी पूर्वस्थिति की याद आ जाती…”पहले के दिन
धन-मदधन का नशा, संपत्ति का घमंड“ज़मींदार साहब धन-मद से गर्वित हो अपना कर्तव्य भूल गए थे।”पैसे का घमंड
उपर्युक्तऊपर कहा हुआ“वृद्धा के उपर्युक्त वचन सुनते ही उनकी आँखें खुल गईं।”ऊपर कही गई बात
कृतकर्मकिया हुआ काम“कृतकर्म का पश्चाताप कर उन्होंने वृद्धा से क्षमा माँगी।”अपने किए पर
  1. मेरी समझ से
  2. मिलकर करें मिलान
  3. पंक्तियों पर चर्चा
  4. सोच-विचार के लिए
  5. अनुमान और कल्पना से
  6. बदली कहानी
  7. ‘कि’ और ‘की’ का उपयोग
  8. मुहावरे
  9. काल
  10. वचन की पहचान
  11. कहानी की रचना
  12. शब्दकोश का उपयोग
  13. भावों की पहचान
  14. वाक्य विस्तार
  15. संवाद फोन पर
  16. पोती की भावनाएँ
  17. आपकी बात
  18. न्याय और समता
  19. घर-घर की कहानी
  20. न्याय और करुणा से जुड़ी सहायता
  21. आज की पहेली
  22. खोजबीन के लिए
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