★ वह अहाते का विस्तार करना चाहता था।
कहानी की तीसरी ही पंक्ति में कारण साफ़ लिखा है। महल पहले से है, अहाता पहले से है — ज़मींदार को बस उसे और आगे तक फैलाना है, और बीच में यह झोंपड़ी पड़ती है।
बाकी विकल्प क्यों नहीं —
- झोंपड़ी जर्जर हो चुकी थी — कहानी में उसकी हालत के बारे में एक शब्द भी नहीं है।
- झोंपड़ी रास्ते में बाधा थी — किसी रास्ते की चर्चा नहीं; बाधा अहाते के विस्तार में थी, आवागमन में नहीं।
- वृद्धा से कोई पुराना झगड़ा था — इसके उलट, पहले तो उसने ‘बहुतेरा कहा’ यानी समझा-बुझाकर हटाना चाहा। झगड़ा बाद में उसकी अपनी लालच से पैदा हुआ।