प्र1.
नीचे दिए गए अक्षरों से सार्थक शब्द बनाइए—
1. ट् क र् ई ओ = टोकरी
2. य् आ द =
3. ई ल व क् =
4. झ् ओ ई प ड़् अं =
5. ज द् आ म् ई र अं =
6. त् आ इ औ क ल् =
उत्तर
| क्रम | दिए गए अक्षर | सार्थक शब्द | जोड़ने का क्रम |
|---|---|---|---|
| 1. | ट् क र् ई ओ | टोकरी | ट् + ओ = टो, क, र् + ई = री |
| 2. | य् आ द | दया | द + य् + आ = दया |
| 3. | ई ल व क् | वकील | व + क् + ई = की, + ल = वकील |
| 4. | झ् ओ ई प ड़् अं | झोंपड़ी | झ् + ओ + अं (अनुस्वार) = झों, प, ड़् + ई = ड़ी |
| 5. | ज द् आ म् ई र अं | ज़मींदार | ज़ + म् + ई + अं = मीं, द् + आ = दा, र |
| 6. | त् आ इ औ क ल् | इकलौता | इ + क + ल् + औ = लौ, त् + आ = ता |
पहेली सुलझाने का तरीका: इन पहेलियों में शब्द को उसकी सबसे छोटी इकाइयों में तोड़ दिया गया है — व्यंजन आधे रूप में (ट्, क्, म्) और स्वर अलग (आ, ई, ओ, औ)। जोड़ते समय याद रखिए कि आधा व्यंजन हमेशा किसी स्वर से जुड़कर ही पूरा होता है — ट् + ओ = टो, र् + ई = री। और ‘अं’ अकेला अक्षर नहीं, अनुस्वार है, जो किसी अक्षर के ऊपर बिंदी बनकर बैठता है — झों, मीं।
ध्यान दीजिए: छहों शब्द इसी कहानी के हैं — टोकरी, दया, वकील, झोंपड़ी, ज़मींदार, इकलौता। पहेली हल करते-करते कहानी के मुख्य शब्द भी दोहरा लिए जाते हैं। यही इस अभ्यास का असली उद्देश्य है।