प्र1.
विधान सभा को विभिन्न भाषाओं में अलग-अलग नामों से जाना जाता है, जैसे — विधान सभा और नियम सभा आदि। आपके राज्य में इसे क्या कहा जाता है?
उत्तर
उत्तर आपके राज्य पर निर्भर है, इसलिए पता लगाकर अपना उत्तर लिखिए — किंतु नाम बदलने का ढाँचा और कारण यहाँ दिए हैं।
पूरे भारत में संस्था एक ही है — किसी राज्य या केंद्रशासित प्रदेश का निर्वाचित सदन, जिसके सदस्य विधायक कहलाते हैं और जिन्हें विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाता सीधे चुनते हैं। केवल नाम भाषा के साथ बदलता है।
| नाम | किस भाषा से | कहाँ सुनाई देता है |
|---|---|---|
| विधान सभा | संस्कृत/हिंदी — विधान (कानून) + सभा | हिंदी-भाषी राज्य तथा उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत के अधिकांश राज्य |
| नियम सभा | मलयालम — नियमम् (कानून) + सभा | केरल — यही उदाहरण पुस्तक स्वयं देती है |
| शासन सभा | तेलुगु / ओड़िया — शासन (नियम, आदेश) | आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा |
| सट्टमन्ड्रम् | तमिल — सट्टम् (कानून) + मन्ड्रम् (मंच) | तमिलनाडु |
| विधान सभे / बिधान सभा | वही संस्कृत मूल कन्नड़, बांग्ला और ओड़िया में | कर्नाटक; पश्चिम बंगाल; ओडिशा |
नाम भिन्न, संस्था वही क्यों: संविधान प्रत्येक राज्य के लिए एक ही पद और एक ही प्रक्रिया बनाता है; प्रयुक्त शब्द केवल उस राज्य की अपनी भाषा में अनुवाद हैं। यह भारत के एक बड़े ढाँचे का छोटा उदाहरण है — एक समान संवैधानिक व्यवस्था, जो अनेक भाषाओं में व्यक्त होती है, ताकि नागरिक अपनी सरकार से उसी भाषा में व्यवहार कर सकें जो वे वास्तव में बोलते हैं।
संकेत: निश्चित करने के लिए अपने राज्य के विधान सभा भवन के बाहर लगे बोर्ड को देखिए, या किसी विधायक के पत्र का शीर्ष देखिए। वहाँ आधिकारिक नाम राज्य की भाषा में, हिंदी में और अंग्रेजी में छपा रहता है।