कक्षा ८ सामाजिक विज्ञान अध्याय 5 सार्वभौमिक मताधिकार और भारत की निर्वाचन प्रणाली के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-19
इस अध्याय के बारे में
सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार का अर्थ है — प्रत्येक वयस्क नागरिक को एक मत, और सभी मतों का समान मूल्य। जाति, मत, नस्ल, धर्म, लिंग, शिक्षा, आय आदि का भेदभाव किए बिना 18 वर्ष से अधिक आयु के प्रत्येक भारतीय नागरिक को मत देने का अधिकार है। ‘सार्वभौमिक’ शब्द का अर्थ यही है। यह अधिकार संविधान के अनुच्छेद 326 पर आधारित है और लोकसभा, प्रत्येक राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेश की विधानसभा तथा गाँवों एवं शहरों के सभी स्थानीय चुनावों पर लागू होता है। कोई भी व्यक्ति अन्य व्यक्ति की ओर से मतदान नहीं कर सकता, और गंभीर अपराध में दोषी पाए जाने पर व्यक्ति को मतदान से रोका जाता है। संविधान निर्माताओं ने यह निर्णय आरंभ से ही लिया, और यह एक साहसिक निर्णय था। 1947 में लगभग 14 प्रतिशत व्यक्ति साक्षर थे, जिनमें महिलाएँ लगभग 8 प्रतिशत — कुछ लोगों का मत था कि मताधिकार केवल साक्षरों को मिले। स्वतंत्रता से पहले लगभग 13 प्रतिश
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| शब्द | अर्थ | अध्याय में कहाँ | पुस्तक क्या कहती है |
|---|---|---|---|
| मताधिकार (फ्रैंचाइज) | संविधान या सरकार द्वारा प्रदान किया गया अधिकार | हाशिया-टिप्पणी, पृष्ठ 118 | अंग्रेजी में अन्य शब्द ‘सफ्रेज’ है, जो फ्रैंचाइज का पर्यायवाची है |
| सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार | प्रत्येक वयस्क नागरिक को एक मत और सभी मतों का समान मूल्य | ‘सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार’, पृष्ठ 118 | 18 वर्ष से अधिक आयु; जाति, मत, नस्ल, धर्म, लिंग, शिक्षा, आय का भेदभाव नहीं; अनुच्छेद 326 |
| निर्वाचन क्षेत्र | वह क्षेत्र जिसके मतदाता किसी विधायी निकाय के लिए प्रतिनिधि चुनते हैं | हाशिया-टिप्पणी, पृष्ठ 119 | लोकसभा के लिए 543 निर्वाचन क्षेत्र; एक लोकसभा क्षेत्र में दो या अधिक विधान सभा क्षेत्र हो सकते हैं |
| प्रणाली | परस्पर जुड़े या परस्पर निर्भर तत्वों का एक समूह जो एक सामान्य उद्देश्य या कार्य को प्राप्त करने के लिए एक साथ काम करते हैं | हाशिया-टिप्पणी, पृष्ठ 119 | ‘निर्वाचन प्रणाली’ का अर्थ समझाने के लिए दी गई परिभाषा |
| भारत निर्वाचन आयोग (ई.सी.आई.) | स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए उत्तरदायी स्वतंत्र संवैधानिक निकाय | ‘भारत निर्वाचन आयोग — एक संक्षिप्त परिचय’, पृष्ठ 126 | स्थापना 1950; लोकसभा, राज्यसभा, राज्य विधान सभाओं तथा राष्ट्रपति एवं उप-राष्ट्रपति के चुनाव कराता है |
| गुप्त मतदान | ऐसा मतदान जिसमें कोई यह न जान पाए कि किसने अपना मत किसे दिया | सूर्योदय विद्यालय का प्रकरण, पृष्ठ 124 | “इससे यह प्रक्रिया गोपनीय और निष्पक्ष बनी रहती है” |
| नोटा (NOTA) | ‘नन ऑफ द एबव’ अर्थात उपरोक्त में से कोई नहीं — सभी प्रत्याशियों को अस्वीकृत करने का विकल्प | इसे अनदेखा न करें, पृष्ठ 125 | इससे परिणामों में परिवर्तन नहीं होता, किंतु संदेश मिलता है कि मतदाता बेहतर विकल्प चाहते हैं |
| ई.वी.एम. | इलेक्ट्रॉनिक मतदान मशीन; बटन दबाने पर एक बीप की ध्वनि सुनाई देती है | चित्र 5.13, पृष्ठ 129; चित्र 5.16, पृष्ठ 130 | नामीबिया और भूटान जैसे देशों में आयोग की सहायता से उपयोग; अन्य देशों ने भारत से प्रशिक्षण लिया |
| वी.वी.पी.ए.टी. | मतदाता सत्यापन योग्य पेपर ऑडिट ट्रेल — मत की छपी पर्ची | आइए पता लगाएँ, पृष्ठ 130 | विवाद या त्रुटि की स्थिति में सत्यापन और पुनः गणना के लिए बैकअप प्रमाण |
| आदर्श आचार संहिता | नेताओं, राजनैतिक दलों और उम्मीदवारों के लिए क्या करना और क्या नहीं करना, इसकी सूची | ‘आदर्श आचार संहिता’, पृष्ठ 130 | केरल में 1960 में अपनाई गई; आयोग ने 1962 में प्रसारित की; 1991 से आयोग सक्रिय |
| ‘जो सबसे आगे, वह जीता’ | निर्वाचन क्षेत्र में सर्वाधिक मत पाने वाला प्रत्याशी विजयी | पृष्ठ 132–133 | प्रत्याशी कुल मतों का 50 प्रतिशत प्राप्त किए बिना भी जीत सकता है |
| गठबंधन | दो या दो से अधिक दलों का साथ मिलकर कार्य करना | हाशिया-टिप्पणी, पृष्ठ 133 | लोकसभा में बहुमत प्राप्त दल या गठबंधन राष्ट्रीय सरकार का गठन करता है |
| अप्रत्यक्ष निर्वाचन | मतदाता प्रतिनिधि चुनते हैं और वे प्रतिनिधि किसी अन्य को चुनते हैं | ‘राज्यसभा के लिए चुनाव’, पृष्ठ 134 | राज्यसभा के 245 में से 233 सदस्य विधायकों द्वारा चुने जाते हैं; 12 राष्ट्रपति द्वारा नामित |
| एकल संक्रमणीय मत प्रणाली | एक विशेष विधि जिसमें मतदाता प्रत्याशियों को वरीयता के अनुसार क्रम देते हैं | पृष्ठ 134–137 | राज्यसभा, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनाव में; छोटे राज्यों को भी समुचित प्रतिनिधित्व मिलता है |
| सदन का विघटन | किसी सदन के कार्यकाल की समाप्ति या अन्य संवैधानिक कारण से समाप्ति | हाशिया-टिप्पणी, पृष्ठ 134 | राज्यसभा स्थायी सदन है — इसे कभी विघटित नहीं किया जाता |
| द्विसदनीय विधानमंडल | वह प्रणाली जिसमें विधायी निकाय को दो अलग-अलग सदनों में विभाजित किया जाता है | हाशिया-टिप्पणी, पृष्ठ 136 | ऐसे राज्यों की विधान परिषदों के सदस्य राष्ट्रपति के निर्वाचन में मतदान नहीं करते |
| निर्वाचक मंडल | अप्रत्यक्ष चुनाव में मतदान करने वाले निर्वाचित प्रतिनिधियों का निश्चित समूह | ‘भारत के राष्ट्रपति का चुनाव’, पृष्ठ 136 | संसद के दोनों सदनों के सदस्य + राज्यों तथा दिल्ली और पुडुचेरी की विधानसभाओं के सदस्य |
अभ्यास
- महत्वपूर्ण प्रश्न
- आइए पता लगाएँ
- पाठ्य प्रश्न
- आइए पता लगाएँ
- पाठ्य प्रश्न
- आइए पता लगाएँ
- आइए पता लगाएँ
- आइए पता लगाएँ
- आइए पता लगाएँ
- आइए पता लगाएँ
- आइए पता लगाएँ
- इसे अनदेखा न करें
- आइए पता लगाएँ
- आइए विचार करें
- प्रश्न और क्रियाकलाप