अन्वेषण अध्याय 4 भारत में औपनिवेशिक काल के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन 2026-09-05

इस अध्याय के बारे में

उपनिवेशवाद का अर्थ है — एक देश द्वारा किसी अन्य प्रदेश पर अधिकार करना , वहाँ अपनी बस्तियाँ स्थापित करना और अपना राजनैतिक, आर्थिक तथा सांस्कृतिक तंत्र आरोपित करना। यह नवीन घटना नहीं है (प्रथम सहस्राब्दी सा.सं. पू. के महान साम्राज्य; प्रथम सहस्राब्दी सा.सं. में ईसाई तथा इस्लामी धर्मों का प्रसार), किंतु ‘औपनिवेशिक युग’ से आशय 15वीं शताब्दी से आरंभ हुए यूरोपीय विस्तार से है — स्पेन, पुर्तगाल, ब्रिटेन, फ्रांस और नीदरलैंड द्वारा अफ्रीका, एशिया, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया तथा प्रशांत द्वीपों पर अधिकार। इसके चार कारण थे — राजनैतिक प्रतिस्पर्धा, आर्थिक लाभ, धर्मांतरण और (गौण रूप से) वैज्ञानिक जिज्ञासा। भारत लक्ष्य इसलिए बना क्योंकि भारत समृद्ध था। दो सहस्राब्दियों पूर्व से यूनानियों और रोमनों के साथ व्यापार; मसाले, कपास, हाथी-दाँत, रत्न, चंदन, सागवान और वूट्ज स्टील की भूमध्यसागरीय क्षेत्रों में अत्यधिक म

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