अन्वेषण अध्याय 6 आइए पता लगाएँ

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
एक लघु समूह परियोजना के रूप में कार्य कीजिए। अपने राज्य या संघ शासित प्रदेश में विधायिका की कार्यप्रणाली से संबंधित आँकड़े संकलित कीजिए।
उत्तर

विधि — क्या-क्या एकत्र करना है। काम बाँट लीजिए, हर जोड़ी एक स्तंभ ले, और अंत में सब पत्रक एक साथ रखिए।

क्या पता करना हैकहाँ देखेंयह क्यों महत्वपूर्ण है
संरचना: एकसदनीय या द्विसदनीय; विधान सभा (और विधान परिषद, यदि हो) की सदस्य संख्याआपके राज्य विधानमंडल की आधिकारिक वेबसाइटबताता है कि राज्य के कानून कितने लोग बनाते हैं
पिछले पाँच वर्षों में प्रत्येक वर्ष के सत्र और बैठकेंविधान सभा के ‘सत्र’ या ‘बुलेटिन’ पृष्ठ; प्रत्येक सत्र के अंत की समाचार रिपोर्टेंयही वह माप है जो आपने पृष्ठ 158 पर संसद के लिए देखा — इसलिए तुलना संभव होगी
प्रति वर्ष प्रस्तुत और पारित विधेयकविधान सभा की वेबसाइट; राज्य राजपत्र की अधिसूचनाएँदिखाता है कि कानून निर्माण का कितना कार्य वास्तव में हुआ
स्थगन या व्यवधान में नष्ट हुए घंटे, यदि उपलब्ध होंसमाचार रिपोर्टें; अध्यक्ष का सत्रांत वक्तव्ययह ‘उत्पादकता’ का राज्य-स्तरीय रूप है
आपकी विधान सभा की समितियाँ और उनकी कोई प्रकाशित रिपोर्टविधान सभा की वेबसाइट, ‘समितियाँ’ खंडजहाँ शांत और विस्तृत उत्तरदायित्व का कार्य होता है

अच्छी परियोजना में क्या होना चाहिए: प्रत्येक आँकड़े के साथ उसका स्रोत और तिथि; कम से कम एक आलेख (प्रति वर्ष बैठकों की संख्या अच्छा विषय है); पृष्ठ 158 के संसद-संबंधी आँकड़ों से तुलना; और एक छोटा अनुच्छेद जिसमें आपका निष्कर्ष हो तथा यह भी हो कि आप क्या पता नहीं कर सके। ईमानदारी से बताई गई कमी अच्छे शोध का अंग है — उसे अनुमान से मत भरिए।

सुझाव: काम बाँटने से पहले सारणी का एक ही प्रारूप तय कर लीजिए, अन्यथा अंतिम दिन एक-दूसरे के नोट बदलने में ही निकल जाएगा। और हर उस पृष्ठ का पता (वेब लिंक) लिखिए जिसका आपने उपयोग किया, ताकि पढ़ने वाला उसे जाँच सके।
प्र2.
किसी विधायक से समय लेकर भेंट कीजिए और राज्य विधानमंडल से संबंधित चुनौतियों के बारे में जानकारी एकत्रित कीजिए।
उत्तर

भेंट कैसे तय करें। विद्यालय की ओर से, अपने शिक्षक के हस्ताक्षर सहित एक संक्षिप्त पत्र या ई-मेल लिखिए जिसमें आपकी कक्षा, उद्देश्य (राज्य विधानमंडल की कार्यप्रणाली पर सामाजिक विज्ञान की परियोजना), आने वाले विद्यार्थियों की संख्या और तीन संभावित तिथियाँ हों। इसे विधायक के क्षेत्रीय कार्यालय में भेजिए और कुछ दिन बाद विनम्रता से दूरभाष पर स्मरण कराइए। यदि विधायक उपलब्ध न हों तो कार्यालय के अधिकारी, किसी पूर्व विधायक या विधानसभा की रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकार से भेंट भी उतनी ही उपयोगी है — अपनी रिपोर्ट में यह बात स्पष्ट लिख दीजिए।

पूछने योग्य प्रश्न (प्रश्न संस्था के विषय में रखिए, दलगत राजनीति पर नहीं — इसी से भेंट उपयोगी और निष्पक्ष बनती है)—

  • पिछले वर्ष विधान सभा कितने दिन बैठी, और क्या यह समय पर्याप्त था?
  • किसी विधेयक पर चर्चा से पहले सदस्यों को उसे पढ़ने के लिए कितना समय मिलता है?
  • आप किन समितियों के सदस्य हैं, और सत्रों के बीच समिति वास्तव में क्या करती है?
  • आपके द्वारा रखे गए प्रश्न का क्या होता है — उत्तर आने में कितना समय लगता है और वह कितना विस्तृत होता है?
  • आपके अनुभव में स्थगन के सबसे सामान्य कारण क्या हैं?
  • लोग अपनी समस्याएँ आप तक कैसे पहुँचाते हैं, और उनमें से किनके लिए कानून बदलना पड़ता है और किनके लिए केवल प्रशासन?
  • विधान सभा की कार्यप्रणाली में आप क्या बदलना चाहेंगी/चाहेंगे?

नमूना उत्तर (जिसे आप अपने अनुसार बदल सकते हैं): “हम शनिवार प्रातः अपने विधायक से उनके क्षेत्रीय कार्यालय में मिले। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष विधान सभा 31 दिन बैठी और उनके विचार में यह बहुत कम है : विधेयक प्रायः दो-तीन दिन की सूचना पर सूचीबद्ध हो जाते हैं, जिससे उन्हें ठीक से पढ़ने या क्षेत्र के लोगों से परामर्श करने का समय नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि समिति का कार्य उनके काम का वह भाग है जो जनता को कभी दिखाई नहीं देता और जिसमें सबसे अधिक काम होता है, क्योंकि वहाँ अधिकारियों को विस्तृत प्रश्नों के लिखित उत्तर देने पड़ते हैं। उनकी मुख्य शिकायत स्थगन के कारण प्रश्नकाल के नष्ट होने की थी — पेयजल योजना पर उनका रखा प्रश्न उत्तर मिलने से पहले दो बार समाप्त हो गया। बदलाव के विषय में उन्होंने कहा : वर्ष में बैठकों के न्यूनतम दिन निश्चित हों, और हर विधेयक कम से कम दो सप्ताह पहले परिचालित हो।”

स्वयं जाँचिए: अपने नोट उसी दिन लिख डालिए, धन्यवाद-पत्र भेजिए, और — यह महत्वपूर्ण है — जो भी आँकड़ा आपको बताया गया (बैठकों के दिन, विधेयकों की संख्या) उसे रिपोर्ट में डालने से पहले विधान सभा की वेबसाइट से मिलाइए। भेंट से दृष्टिकोण मिलता है; अभिलेखों से आँकड़े
क्या यह उपयोगी रहा? त्रुटि बताएँ