प्र1.
अपने प्रतिवेदन का पुनरावलोकन करें। आपकी सूची में से किन वस्तुओं को ‘भूमि’ की श्रेणी में रखा जा सकता है?
उत्तर
वह सब कुछ जो प्रकृति ने दिया, मनुष्य ने नहीं। अध्याय की विस्तृत परिभाषा स्मरण रखिए — अर्थशास्त्र में ‘भूमि’ में केवल भौगोलिक भूखंड नहीं, अपितु मृदा, वन, जल, वायु, सूर्य का प्रकाश, खनिज, तेल और प्राकृतिक गैस भी सम्मिलित हैं। पृष्ठ 165 की तालिका पर यही कसौटी लगाइए।
| प्रतिवेदन की वस्तु | भूमि? | कारण |
|---|---|---|
| शीघ्र नष्ट होने वाली वस्तुएँ; ताजा उत्पाद; ताजी सब्जियाँ एवं फल; कच्ची सामग्री जैसे सब्जियाँ और फल; खाद्यान्न, दूध | हाँ — भूमि-आधारित | यह सब मृदा में, जल और सूर्य के प्रकाश से उगता है, अथवा भूमि पर पले पशुओं से आता है |
| भंडारण का स्थान; दुकान का परिसर; वह जगह जहाँ ठेला या स्टॉल खड़ा होता है | हाँ, भूखंड के लिए | भूखंड भूमि है; उस पर बना भवन पूँजी है। दुकान का किराया वस्तुतः दोनों का मिला-जुला भुगतान है |
| गैस (रसोई गैस) | हाँ | प्राकृतिक गैस और तेल का नाम अध्याय में प्राकृतिक संसाधनों में है |
| जल | हाँ | भूमि की परिभाषा में सीधे सम्मिलित |
| विद्युत | आंशिक रूप से | विद्युत मनुष्य उत्पन्न करता है, किंतु उसका स्रोत प्राकृतिक संसाधन है — कोयला, बाँध का जल या सूर्य का प्रकाश। सच्चा उत्तर यह है कि यह भूमि से बना हुआ एक उत्पादित इनपुट है |
| टोकरियाँ, तराजू, ठेला या स्टॉल, बर्तन, कैंची, उपकरण, कलपुर्जे, कंप्यूटर | नहीं — पूँजी | वस्तुओं एवं सेवाओं के उत्पादन में प्रयुक्त मानव निर्मित संसाधन |
| रसोइया/सहायक; मोबाइल के अवयवों को सँभालने का ज्ञान एवं कौशल | नहीं — श्रम एवं मानव पूँजी | परिश्रम, और उस परिश्रम के पीछे का कौशल |
| डिब्बाबंद वस्तुएँ, क्रीम, सौंदर्य उत्पाद | नहीं — पूँजी (क्रय किया गया माल) | इन्हें भूमि से मिली कच्ची सामग्री से किसी और कारखाने में बनाया गया, तब यह दुकान इन्हें खरीदकर लाई |
कुछ पंक्तियाँ वास्तव में कठिन क्यों हैं: क्योंकि अधिकांश इनपुट्स ऐसे प्राकृतिक संसाधन हैं जो पहले ही किसी के हाथों से गुजर चुके हैं। खेत का टमाटर भूमि है; किंतु ट्रक की टोकरी में रखा वही टमाटर श्रम, वाहन और ईंधन भी अपने भीतर रखता है। अर्थशास्त्री इसे इस प्रश्न से सुलझाते हैं कि भुगतान किस बात का हो रहा है — भूखंड का किराया इसलिए है कि उसे किसी ने बनाया नहीं, जबकि टोकरी का मूल्य इसलिए कि उसे किसी ने बनाया। यदि आपके समूह में इस पर बहस हुई तो संकोच न कीजिए; अध्याय के अंत का प्रश्न 1 आपसे यही कठिनाइयाँ पूछता है।
संकेत: छाँटने का एक शीघ्र नियम, जो लगभग हर पंक्ति पर लागू होता है — यदि मनुष्य कभी हुआ ही न होता, तब भी क्या यह होती? मृदा, जल, सूर्य का प्रकाश, गैस : हाँ। तराजू, क्रीम, कलपुर्जा : नहीं।