प्र1.
आधारभूत संरचनाएँ एवं स्वास्थ सेवा संबंधी व्यवस्थाएँ, जैसे— अस्पताल, प्राथमिक चिकित्सा केंद्र, चिकित्सक, औषधालय, रोग परीक्षण केंद्र आदि मानव पूँजी को विकसित करने में किस प्रकार अपनी भूमिका निभाते हैं?
उत्तर
ये उन दो वस्तुओं की रक्षा करती हैं जिनसे मानव पूँजी बनती है — सीखने का समय और कार्य का समय। अध्याय का तर्क दो चरणों में चलता है : अच्छा स्वास्थ्य संज्ञानात्मक विकास में सहायता करता है, जिससे बच्चे नियमित रूप से विद्यालय जाते हैं और अधिक प्रभावपूर्ण ढंग से सीखते हैं; और स्वस्थ श्रमिक शारीरिक एवं मानसिक रूप से अपना श्रेष्ठ योगदान देते हैं — वे कम समय में अधिक कार्य करते हैं, सृजनात्मक होते हैं और स्वास्थ्य कारणों से अवकाश नहीं लेते।
| व्यवस्था का अंग | यह मानव पूँजी के लिए वास्तव में क्या करता है |
|---|---|
| प्राथमिक चिकित्सा केंद्र | उपचार, टीकाकरण और पोषण संबंधी परामर्श गाँव से पैदल दूरी पर ले आते हैं, जिससे छोटा रोग बड़ी अनुपस्थिति बनने से पहले ठीक हो जाता है |
| चिकित्सक | वे शिकायत को रोग-निदान में बदलते हैं। वे स्वयं मानव पूँजी की उपज हैं — वर्षों की शिक्षा और अस्पताल का प्रशिक्षण — इसलिए यहाँ किया गया निवेश आगे कई गुना लौटता है |
| रोग परीक्षण केंद्र | रोग को आरंभ में ही पकड़ लेते हैं, जब उपचार सस्ता होता है और रोगी के कुछ दिन जाते हैं, महीने नहीं |
| औषधालय | बताई गई दवा घर के पास उपलब्ध और सुलभ बनाते हैं; जो पर्ची भरी न जा सके, वह किसी को स्वस्थ नहीं करती |
| आधारभूत संरचना — सड़क, परिवहन, स्वच्छ जल, स्वच्छता, विद्युत, इंटरनेट | सड़क रोगी को अस्पताल और बच्चे को विद्यालय तक ले जाती है; स्वच्छ जल एवं स्वच्छता रोग को पहले ही रोक देते हैं; विद्युत और इंटरनेट विद्यार्थी को अँधेरे के बाद पढ़ने और स्वयं (SWAYAM) का पाठ्यक्रम करने देते हैं |
यह केवल दयालु नहीं, आर्थिक तर्क क्यों है: अध्याय उत्पादकता को “एक निश्चित समयावधि में उत्पादन की मात्रा” कहता है। स्वास्थ्य दिन के घंटे नहीं बढ़ाता; वह यह बदलता है कि उनमें से कितने घंटे व्यक्ति वास्तव में काम में ला सकता है, और कितनी अच्छी तरह। जो श्रमिक वर्ष में पंद्रह दिन टाले जा सकने वाले रोगों में खो देता है, उसका लगभग आधा महीना उत्पादन से निकल जाता है — और बच्चे की हानि इससे भी बड़ी है, क्योंकि एक वर्ष की पढ़ाई पर अगला वर्ष टिका होता है।
जोड़कर देखिए: इसीलिए पृष्ठ 170 का जनांकिकीय लाभांश “गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशिक्षण एवं कौशल प्रशिक्षण” पर एक साथ निर्भर है। अस्वस्थ युवा जनसंख्या लाभांश नहीं, भार बन जाती है।