प्र1.
अधः अस्मिन् पाठे आगतानां शब्दानाम् आधारेण शब्दजालं प्रदत्तम् अस्ति। अत्र वामतः दक्षिणम् उपरितः अधः च आधारं कृत्वा उदाहरणानुसारं शब्दान् रेखाङ्कयत — (उदाहरणम् : डिजीलॉकर्, संवादयन्त्रम्)
उत्तर
पुस्तक में दो शब्द पहले से घेरे हुए हैं — डिजीलॉकर् (पहली पंक्ति में बाएँ से दाएँ) तथा संवादयन्त्र (आठवें स्तम्भ में ऊपर से नीचे)। शेष उन्नीस शब्द नीचे दिए गए हैं। जाल में जो अक्षर किसी शब्द का भाग हैं, वे नारङ्गी रंग में दिखाए गए हैं।
| मा | रा | डि | जी | लॉ | क | र् | सं | पी | सै |
| य् | ज | जि | आ | व | हॉ | त | वा | ए | ब |
| ग | मा | ट | भा | र्धि | लो | ब्लॉ | द | म् | र् |
| व् | र्गः | ल् | सी | ता | ग्रा | क् | य | कि | क्रै |
| यू | पी | आ | य् | ना | म् | चे | न्त्र | सा | म् |
| वा | म | जे | शा | वि | ज्ञा | न् | म् | न् | ना |
| णि | ज | म | स | नि | अ | र्थ | व्य | व | स्था |
| ज्य | को | वे | न् | म | कृ | त्रि | म | बु | द्धिः |
| म् | ज | क | स्व | य | म् | प्र | भा | शि | नि |
| प्रौ | द्यो | गि | की | फ़ा | स्टॅ | ग् | छ | क्षा | ष्ठा |
क. वामतः दक्षिणम् (बाएँ से दाएँ) —
१. डिजीलॉकर् — पङ्क्तिः १, स्तम्भाः ३–७ (उदाहरणम्)
२. यूपीआय् — पङ्क्तिः ५, स्तम्भाः १–४
३. विज्ञानम् — पङ्क्तिः ६, स्तम्भाः ५–८
४. अर्थव्यवस्था — पङ्क्तिः ७, स्तम्भाः ६–१०
५. कृत्रिमबुद्धिः — पङ्क्तिः ८, स्तम्भाः ६–१०
६. स्वयम्प्रभा — पङ्क्तिः ९, स्तम्भाः ४–८
७. प्रौद्योगिकी — पङ्क्तिः १०, स्तम्भाः १–४
८. फ़ास्टॅग् — पङ्क्तिः १०, स्तम्भाः ५–७
१. डिजीलॉकर् — पङ्क्तिः १, स्तम्भाः ३–७ (उदाहरणम्)
२. यूपीआय् — पङ्क्तिः ५, स्तम्भाः १–४
३. विज्ञानम् — पङ्क्तिः ६, स्तम्भाः ५–८
४. अर्थव्यवस्था — पङ्क्तिः ७, स्तम्भाः ६–१०
५. कृत्रिमबुद्धिः — पङ्क्तिः ८, स्तम्भाः ६–१०
६. स्वयम्प्रभा — पङ्क्तिः ९, स्तम्भाः ४–८
७. प्रौद्योगिकी — पङ्क्तिः १०, स्तम्भाः १–४
८. फ़ास्टॅग् — पङ्क्तिः १०, स्तम्भाः ५–७
ख. उपरितः अधः (ऊपर से नीचे) —
९. माय्गव् — स्तम्भः १, पङ्क्तयः १–४
१०. वाणिज्यम् — स्तम्भः १, पङ्क्तयः ६–९
११. राजमार्गः — स्तम्भः २, पङ्क्तयः १–४
१२. डिजिटल् — स्तम्भः ३, पङ्क्तयः १–४
१३. आभासीय् — स्तम्भः ४, पङ्क्तयः २–५
१४. वर्धिता — स्तम्भः ५, पङ्क्तयः २–४
१५. विनिमय — स्तम्भः ५, पङ्क्तयः ६–९
१६. हॉलोग्राम् — स्तम्भः ६, पङ्क्तयः २–५
१७. ब्लॉक्चेन् — स्तम्भः ७, पङ्क्तयः ३–६
१८. संवादयन्त्रम् — स्तम्भः ८, पङ्क्तयः १–६ (उदाहरणम्)
१९. पीएम्किसान् — स्तम्भः ९, पङ्क्तयः १–६
२०. सैबर्क्रैम् — स्तम्भः १०, पङ्क्तयः १–५
२१. निष्ठा — स्तम्भः १०, पङ्क्तयः ९–१०
९. माय्गव् — स्तम्भः १, पङ्क्तयः १–४
१०. वाणिज्यम् — स्तम्भः १, पङ्क्तयः ६–९
११. राजमार्गः — स्तम्भः २, पङ्क्तयः १–४
१२. डिजिटल् — स्तम्भः ३, पङ्क्तयः १–४
१३. आभासीय् — स्तम्भः ४, पङ्क्तयः २–५
१४. वर्धिता — स्तम्भः ५, पङ्क्तयः २–४
१५. विनिमय — स्तम्भः ५, पङ्क्तयः ६–९
१६. हॉलोग्राम् — स्तम्भः ६, पङ्क्तयः २–५
१७. ब्लॉक्चेन् — स्तम्भः ७, पङ्क्तयः ३–६
१८. संवादयन्त्रम् — स्तम्भः ८, पङ्क्तयः १–६ (उदाहरणम्)
१९. पीएम्किसान् — स्तम्भः ९, पङ्क्तयः १–६
२०. सैबर्क्रैम् — स्तम्भः १०, पङ्क्तयः १–५
२१. निष्ठा — स्तम्भः १०, पङ्क्तयः ९–१०
Tip — खोजने की विधि: पहले पूरे पाठ के डिजिटल-नामों की सूची बना लो (डिजि-लॉकर्, यूपीआय्, फ़ास्टॅग्, दीक्षा, स्वयम्प्रभा, निष्ठा, पीएम्-किसान्, माय्-गव्, हॉलोग्राम्, वर्धिता/आभासीया-वास्तविकता, कृत्रिमबुद्धिः, प्रौद्योगिकी…)। फिर जाल में पहला अक्षर ढूँढ़ो और केवल दो दिशाओं में देखो। जाल में शेष अक्षर (त, ना, म, जे, शा, को, वे, छ, क्षा…) केवल भरने के लिए रखे गए हैं।
ध्यातव्यम्: जाल में कुछ शब्द पाठ के बाहर के भी हैं — ब्लॉक्चेन्, अर्थव्यवस्था, सैबर्क्रैम् तथा विज्ञानम्। ये विषय से जुड़े हैं, इसलिए इन्हें भी रेखांकित करना चाहिए। ‘सैबर्क्रैम्’ का संस्कृत पर्याय पाठ में ‘साङ्गणिक-अपराधः’ के रूप में आया है।