दीपकम् अध्याय 8 अभ्यासात् जायते सिद्धिः

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
वयं स्वदेशस्य राज्यानां विषये ज्ञातुमिच्छामः।
उत्तर

वयं कस्य राज्यानां विषये ज्ञातुमिच्छामः ?

(हम किसके राज्यों के विषय में जानना चाहते हैं ?)

विधि: रेखाङ्कित पद ‘स्वदेशस्य’ षष्ठी विभक्ति, एकवचन, पुँल्लिङ्ग है। षष्ठी एकवचन का प्रश्नवाचक पद ‘कस्य’ होता है। रेखाङ्कित पद हटाकर उसी विभक्ति-वचन का प्रश्नवाचक रखिए, शेष वाक्य ज्यों-का-त्यों रहने दीजिए।
प्र2.
सप्तभगिन्यः प्राचीनेतिहासे प्रायः स्वाधीनाः एव दृष्टाः।
उत्तर

काः प्राचीनेतिहासे प्रायः स्वाधीनाः एव दृष्टाः ?

(कौन प्राचीन इतिहास में प्रायः स्वतन्त्र ही देखी गईं ?)

विधि: ‘सप्तभगिन्यः’ स्त्रीलिङ्ग, प्रथमा विभक्ति, बहुवचन है। स्त्रीलिङ्ग प्रथमा बहुवचन का प्रश्नवाचक रूप ‘काः’ है। यदि पद पुँल्लिङ्ग होता तो ‘के’ और नपुंसकलिङ्ग होता तो ‘कानि’ आता।
प्र3.
प्रदेशेऽस्मिन् हस्तशिल्पानां बाहुल्यं वर्तते।
उत्तर

प्रदेशेऽस्मिन् केषां बाहुल्यं वर्तते ?

(इस प्रदेश में किनकी बहुलता है ?)

विधि: ‘हस्तशिल्पानाम्’ नपुंसकलिङ्ग, षष्ठी विभक्ति, बहुवचन है; उसका प्रश्नवाचक रूप ‘केषाम्’ है (नपुंसक तथा पुँल्लिङ्ग दोनों में षष्ठी बहुवचन ‘केषाम्’ ही होता है)।
प्र4.
एतानि राज्यानि तु भ्रमणार्थं स्वर्गसदृशानि
उत्तर

एतानि राज्यानि तु भ्रमणार्थं कीदृशानि (सन्ति) ?

(ये राज्य तो भ्रमण के लिए कैसे हैं ?)

विधि: रेखाङ्कित पद ‘स्वर्गसदृशानि’ विशेषण है — गुण बताता है, वस्तु नहीं। विशेषण पर प्रश्न बनाते समय ‘किम्’ नहीं, ‘कीदृश्’ शब्द का रूप लगाया जाता है। यहाँ विशेष्य ‘राज्यानि’ नपुंसकलिङ्ग प्रथमा बहुवचन है, अतः ‘कीदृशानि’।
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