प्र1.
जल की बूँद का अवलोकन कीजिए। इसका पृष्ठ किस आकृति का है? क्या यह समतल है, भीतर की ओर वक्रित है या बाहर की ओर वक्रित है?
उत्तर
बूँद का पृष्ठ बाहर की ओर वक्रित है — यह एक छोटे गुंबद की भाँति ऊपर उभरा हुआ है। न तो यह समतल है और न भीतर की ओर धँसा।
तेल या मोम की पतली परत क्यों आवश्यक है: बिना परत वाले काँच पर जल फैलकर समतल फिल्म बन जाता है, और समतल फिल्म से कुछ नहीं बदलता। तेल या मोम जल को काँच पर फैलने नहीं देता, इसलिए बूँद सिमटकर गोल हो जाती है — और यही बाहर की ओर उभार उसे लेंस की भाँति व्यवहार करने योग्य बनाता है।
संकेत: छोटी बूँद बड़ी बूँद से अधिक तीखी वक्रता बनाती है, और अधिक वक्रित पृष्ठ अधिक आवर्धन देता है। दो भिन्न आमाप की बूँदें अगल-बगल रखकर देखिए।