क्योंकि सिकुड़ा और सूखा हुआ वन अपने हाथियों को भोजन और जल नहीं दे पाता, इसलिए वे बाहर निकलकर वहाँ जाते हैं जहाँ भोजन उपलब्ध है।
अध्याय इन घटनाओं को एक श्रृंखला के रूप में रखता है—
सड़कों और भवनों के लिए वृक्षों की कटाई → वन सूखते और सिकुड़ते हैं
जल-कुंड सूख जाते हैं → पर्यावास की हानि
जंतु मानव पर्यावासों की ओर जाते हैं → फसलों को क्षति और कभी-कभी मनुष्यों तथा पालतू जंतुओं को हानि
हाथी एक बहुत बड़ा शाकाहारी है, अत: उसे प्रतिदिन बहुत अधिक मात्रा में चारा और जल चाहिए। खेत या बागान वही देता है जो पतला होता वन अब नहीं दे पाता — पास-पास खड़े केले और गन्ना, जो सरलता से मिल जाते हैं। इसलिए हाथी भटक नहीं रहे, वे भोजन के पीछे चल रहे हैं।