कुतूहल अध्याय 12 प्रकृति कैसे सामंजस्य में कार्य करती है के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन 2026-09-05

इस अध्याय के बारे में

पर्यावास वह स्थान है जो किसी जीव को निवास और वृद्धि के लिए उपयुक्त परिस्थितियाँ देता है। उसके सजीव भाग जैविक घटक हैं तथा वायु, जल, मृदा, सूर्य का प्रकाश और तापमान अजैविक घटक हैं। एक ही प्रकार के जीवों का समूह समष्टि है; एक पर्यावास को साझा करने वाली विभिन्न समष्टियाँ मिलकर समुदाय बनाती हैं; और समुदाय अजैविक घटकों के साथ मिलकर पारितंत्र बनाता है। हरे पादप उत्पादक हैं — पारितंत्र में ऊर्जा केवल उन्हीं के द्वारा सूर्य से प्रवेश करती है। उपभोक्ता उस ऊर्जा को आगे ले जाते हैं और अपघटक मृत पदार्थों को विघटित करके पोषक तत्व मृदा को लौटा देते हैं। आहार श्रृंखला दर्शाती है कि कौन किसे खाता है; प्रत्येक जीव को दो या अधिक प्रकार के जीव खाते हैं, इसलिए श्रृंखलाएँ जुड़कर आहार जाल बनाती हैं। श्रृंखला में जीव का स्थान उसका पोषी स्तर कहलाता है। ऊर्जा एक ही दिशा में बहती है और हर चरण पर ऊष्मा के रूप में निक

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