प्र1.
दिए गए मानदंडों के आधार पर चित्र 12.5 में दर्शाए गए जैविक और अजैविक घटकों के बीच परस्पर क्रियाओं की पहचान कीजिए और उनका वर्णन कीजिए। मानदंड 1— इसके अंतर्गत अजैविक और जैविक घटकों के बीच परस्पर क्रियाएँ होती हैं। ये क्रियाएँ जैविक घटकों में पोषण, श्वसन और जनन जैसे जैव प्रक्रमों को प्रभावित कर सकती हैं। मानदंड 2— इसमें दो अजैविक घटकों के बीच परस्पर क्रियाएँ होती हैं। ये किसी पर्यावास की भौतिक विशेषताओं को प्रभावित कर सकती हैं। मानदंड 3— इसके अंतर्गत विभिन्न जैविक घटकों के बीच परस्पर क्रियाएँ होती हैं। ये पोषण, श्वसन और जनन जैसे जैव प्रक्रमों के लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता को प्रभावित कर सकती हैं।
उत्तर
चित्र 12.5 में तालाब और उसका किनारा है — ऊपर सूर्य का प्रकाश और पहाड़ियाँ, जल में बत्तख, मछली, कमल के पत्तों पर मेंढक, कच्छप, व्याधपतंग, पत्थर पर बैठा किलकिला (किंगफिशर), जलीय सर्प और जलीय पादप, तथा नीचे नम मृदा में केंचुआ। वहाँ जो हो रहा है उसे तीन मानदंडों में बाँटने पर पूरी की गई तालिका 12.3—
| मानदंड 1: जैविक और अजैविक घटकों के बीच परस्पर क्रियाएँ | मानदंड 2: दो अजैविक घटकों के बीच परस्पर क्रियाएँ | मानदंड 3: विभिन्न जैविक घटकों के बीच परस्पर क्रियाएँ |
|---|---|---|
| केंचुए नम मृदा में रहते हैं। | दिन का तापमान तेज धूप के कारण अधिक होता है। | मेंढक कीट खाता है। |
| तालाब में अनेक सूक्ष्मजीव उपस्थित होते हैं। | सूर्य के प्रकाश के कारण जल शीघ्रता से वाष्पित होता है। | जलीय सर्प मछली खाता है। |
| मछली जल में अंडे देती है। | जल की सतह पर मंद गति से वायु प्रवाहित होने से हल्की लहरें बनती हैं। | मेंढक और मछलियाँ छोटे कीटों के लार्वा के लिए स्पर्धा कर सकते हैं। |
| तालाब के पास की मृदा नम होती है। | मछली अपने अंडों को अन्य मछलियों अथवा मेंढकों से सुरक्षित रखने के लिए जल में वनस्पतियों के निकट अंडे देती है। | |
| जलीय पादप सूर्य के प्रकाश, जल और कार्बन डाइऑक्साइड से भोजन बनाते हैं। | सूर्य का प्रकाश जल की ऊपरी परत को गहरे जल की तुलना में अधिक गरम करता है। | किलकिला गोता लगाकर मछली पकड़ता है। |
| मछली जल में घुली ऑक्सीजन लेती है। | वायु और ऊष्मा मिलकर तालाब का जल घटाते हैं, जिससे वह उथला हो जाता है। | बत्तख जलीय पादप और छोटे जंतु खाती है। |
| मेंढक साँस लेने के लिए जल से बाहर तैरते पत्ते पर बैठता है। | जल की सतह पर बहती वायु उसमें ऑक्सीजन घुलने में सहायता करती है। | व्याधपतंग जल के ऊपर उड़ते छोटे कीटों का शिकार करता है। |
(प्रत्येक स्तंभ की पहली चार पंक्तियाँ पुस्तक के अपने उदाहरण हैं; नारंगी पंक्तियाँ वे हैं जिन्हें आप चित्र 12.5 से स्वयं पढ़ सकते हैं।)
ऐसा क्यों होता है: तीनों मानदंड वास्तव में तीन अलग प्रश्न हैं। मानदंड 1 पूछता है — कोई निर्जीव वस्तु किसी जैव प्रक्रम को कैसे संभव बनाती है? सूर्य का प्रकाश प्रकाश संश्लेषण को, घुली ऑक्सीजन श्वसन को, जल अंडों के विकास को। मानदंड 2 पूछता है — दो निर्जीव वस्तुएँ मिलकर पर्यावास को कैसे बदलती हैं? सूर्य का प्रकाश और वायु मिलकर तापमान, जलस्तर और घुली ऑक्सीजन बदलते हैं। मानदंड 3 पूछता है — जीव एक-दूसरे के लिए उपलब्ध संसाधन कैसे बदलते हैं? खाकर, स्पर्धा करके, या किसी स्थान को आश्रय बनाकर। ये तीनों मिलकर ही पारितंत्र हैं।