कुतूहल अध्याय 12 पाठ्य प्रश्न

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
क्रियाकलाप 12.1 में आप दोनों पर्यावासों में क्या समान विशेषताएँ देखते हैं?
उत्तर

दोनों पर्यावासों में सजीवों के साथ-साथ निर्जीव वस्तुएँ भी विद्यमान हैं। यही समानता है। परंतु सजीवों के प्रकार भिन्न-भिन्न हैं और निर्जीव वस्तुएँ भी भिन्न प्रकार की हैं।

 तालाबवन
दोनों में समानजैविक घटक + अजैविक घटक, जो परस्पर क्रिया करते हैं
जैविक घटकमछली, मेंढक, शैवाल, कमलवृक्ष, घास, हिरण, लोमड़ी, मशरूम
अजैविक घटकजल माध्यम है; ऑक्सीजन उसमें घुली रहती हैवायु माध्यम है; जल को मृदा थामे रखती है
ऐसा क्यों होता है: प्रत्येक पर्यावास को वही चार चीजें देनी होती हैं — भोजन, ऑक्सीजन, आश्रय और वृद्धि के लिए स्थान। अंतर इसमें है कि वह उन्हें कैसे देता है। मछली ऑक्सीजन जल से लेती है, हिरण वायु से। एक ही आवश्यकता दो अलग ढंग से पूरी होती है, और इसीलिए दोनों पर्यावासों में जीवों के दो अलग समूह मिलते हैं।
प्र2.
क्या आपने कभी सोचा है कि कुछ जीव भूमि पर एवं कुछ जल में क्यों रहते हैं?
उत्तर

क्योंकि प्रत्येक जीव को जीवित रहने के लिए विशिष्ट स्थितियों की आवश्यकता होती है और विभिन्न पर्यावास रहने हेतु विभिन्न स्थितियाँ प्रदान करते हैं।

कोई जीव वहीं रह सकता है जहाँ उसका शरीर वास्तव में कार्य करे। मछली का शरीर जल में घुली ऑक्सीजन लेने के लिए बना है, उसका आकार जल में चलने के लिए बना है, और उसके अंडे जल में ही देने पड़ते हैं ताकि वे सूखें नहीं। उसे भूमि पर रख दीजिए तो इनमें से कुछ भी काम नहीं करेगा। हिरण का शरीर ठीक उल्टा बना है — वह ऑक्सीजन वायु से लेता है, उसकी टाँगें मृदा पर दौड़ने के लिए हैं, और जल में डूबे रहने पर उसकी त्वचा से जल शीघ्र निकल जाएगा।

ऐसा क्यों होता है: जीव उन परिवेशी स्थितियों के लिए स्वयं को अनुकूलित करते हैं जहाँ वे रहते हैं। अनुकूलन शरीर और परिस्थितियों के बीच का मेल है। परिस्थितियाँ बदल जाएँ तो यह मेल टूट जाता है — वन के सूखने पर हाथियों के साथ यही होता है।
प्र3.
मछलियाँ तालाब में कैसे जीवित रहती हैं?
उत्तर

तालाब मछली की हर आवश्यकता पूरी करता है — भोजन, ऑक्सीजन, आश्रय और वृद्धि के लिए स्थान

जैविक आवश्यकता — भोजन → तालाब के छोटे पादपों और जंतुओं से
अजैविक आवश्यकता — ऑक्सीजन → जल से (उसमें घुली हुई)
आश्रय → नरकट, जलीय वनस्पति और कमल के पत्ते
स्थान → स्वयं तालाब का आयतन

ध्यान दीजिए कि दोनों प्रकार की आवश्यकताएँ दो अलग प्रकार के घटकों से पूरी होती हैं। क्रियाकलाप का यही सार है — मछली केवल जल के कारण जीवित नहीं रहती, न केवल शैवाल के कारण, बल्कि इसलिए कि तालाब के जैविक और अजैविक घटक मिलकर कार्य करते हैं।

स्वयं जाँचिए: सोचिए कि यदि तालाब के पादप मर जाएँ तो क्या होगा। जल में ऑक्सीजन का उत्पादन कम हो जाएगा — और मछली संकट में आ जाएगी, जबकि जल तो वहीं है। यही श्रृंखला आपको चित्र 12.13 में फिर मिलेगी।
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