प्र1.
अपने विद्यालय के उद्यान में 1 मीटर × 1 मीटर का एक क्षेत्र चिह्नित कीजिए। इस क्षेत्र में उपस्थित किन्हीं चार जीवों की पहचान कीजिए और उनकी संख्या गिनिए। जीवों की संख्या को तालिका 12.2 में अभिलेखित कीजिए।
उत्तर
चार खूँटियों और डोरी से वर्ग चिह्नित कीजिए, फिर उसके भीतर चुने गए प्रत्येक प्रकार के हर जीव को गिनिए — पादप को एक ही बार गिनिए चाहे उसकी पत्तियाँ कितनी भी हों, और जो केवल आधा भीतर हो उसे न गिनिए।
नमूना उत्तर (विद्यालय के उद्यान में एक समूह का 1 मीटर × 1 मीटर क्षेत्र)—
| जीव का नाम | समष्टि (जीवों की संख्या) |
|---|---|
| पादप 1: दूब घास | 20 |
| पादप 2: गेंदा | 05 |
| जंतु 1: चींटी | 32 |
| जंतु 2: केंचुआ | 03 |
इसके बाद चारों-पाँचों समूहों से आँकड़े संकलित कीजिए, जिससे कक्षा के पास अनेक वर्गों की गणना आ जाए।
ऐसा क्यों होता है: क्षेत्रफल और समय दोनों जानबूझकर निश्चित किए गए हैं। कोई गणना तभी अर्थ रखती है जब आप बताएँ कि कितने क्षेत्र में और कब। अलग-अलग आकार के टुकड़े गिनने वाले, अथवा दोपहर और साँझ को चींटियाँ गिनने वाले दो समूह अपनी संख्याओं की तुलना ही नहीं कर सकते। इसीलिए समष्टि की परिभाषा है — एक निश्चित समय में एक पर्यावास में उपस्थित एक ही प्रकार के जीवों का समूह।