प्र1.
क्या एक पर्यावास में केवल एक ही प्रकार के जीव हो सकते हैं? यदि ऐसा हो तो क्या होगा?
उत्तर
अधिक समय तक नहीं। केवल एक ही प्रकार के जीवों वाला पर्यावास शीघ्र ही टूट जाएगा।
यदि सभी जीव एक ही प्रकार के हों तो उन सबकी भोजन, जल, स्थान जैसी आवश्यकताएँ समान होंगी। पर्यावास का कोई बँटवारा होगा ही नहीं — हर जीव ठीक वही चाहेगा जो दूसरा चाहता है, उसी समय और उसी स्थान पर। इससे सीधे प्रतिस्पर्धा होगी और संभवत: संसाधनों की कमी हो जाएगी।
इससे भी बड़ी बात यह कि जो कार्य दूसरे जीव करते हैं वे होंगे ही नहीं—
- यदि वह एक प्रकार पादप हो तो कोई परागणकारी नहीं होगा, अत: फल और बीज बहुत कम बनेंगे;
- यदि वह जंतु हो तो उसे खिलाने वाला कोई उत्पादक ही नहीं होगा;
- अपघटकों के बिना मृत शरीर एकत्र होते जाएँगे और उनके पोषक तत्व कभी मृदा में नहीं लौटेंगे।
ऐसा क्यों होता है: समुदाय इसलिए चलता है क्योंकि उसकी विभिन्न समष्टियों को अलग-अलग चीजें चाहिए और वे अलग-अलग कार्य करती हैं। एक ही प्रकार का जीव एक साथ उत्पादक, उपभोक्ता और अपघटक नहीं हो सकता, इसलिए ऊर्जा का प्रवाह और पदार्थों का पुनर्चक्रण दोनों रुक जाते हैं।