प्र1.
क्या आप अपने क्षेत्र में किसी मानव निर्मित पारितंत्र का नाम बता सकते हैं?
उत्तर
हाँ — मनुष्यों ने अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए मछली के तालाब, खेत और उद्यान जैसे कृत्रिम पारितंत्रों का निर्माण किया है। अधिकांश विद्यालयों के आस-पास ऐसे कई मिल जाएँगे—
- विद्यालय का उद्यान और रसोई उद्यान;
- कृषि क्षेत्र, फलोद्यान अथवा बागान;
- गाँव का मछली तालाब या सिंचाई का ताल;
- नगर का उद्यान, सड़क किनारे वृक्षों की पंक्ति, मछलीघर।
नमूना उत्तर: हमारे विद्यालय के पीछे का धान का खेत एक मानव निर्मित पारितंत्र है। इसके जैविक घटक हैं — धान के पादप, खरपतवार, मेंढक, मकड़ियाँ, व्याधपतंग, केंचुए और पक्षी; और अजैविक घटक हैं — हमारे द्वारा भरा गया जल, मृदा, सूर्य का प्रकाश और तापमान।
ऐसा क्यों होता है: भली-भाँति अभिकल्पित किए जाने पर ये पारितंत्र प्रदूषण कम करने, जैव विविधता को बढ़ावा देने और मनोरंजक स्थल उपलब्ध कराने में सहायक हो सकते हैं। परंतु प्राकृतिक पारितंत्रों के विपरीत इन्हें मानव द्वारा देखभाल और प्रबंधन की आवश्यकता होती है — क्योंकि यहाँ क्या उगेगा यह हम तय करते हैं, इसलिए वह संतुलन बनाए रखने का कार्य भी हमने ही ले लिया है जो प्राकृतिक पारितंत्र स्वयं करता है।