प्र1.
यहाँ पृथ्वी की कुछ विशेषताएँ दी गई हैं जिन्हें हम प्राय: सामान्य मान लेते हैं परंतु वे हमारे लिए अत्यंत रोचक एवं महत्त्वपूर्ण होती हैं। ऐसी विशेषताओं को तालिका 13.1 में सूचीबद्ध कीजिए। इनमें से कुछ विशेषताओं को आपकी सहायता के लिए तालिका में अंकित किया गया है।
उत्तर
तालिका 13.1 पूर्ण रूप में इस प्रकार बनेगी। पहली दो पंक्तियाँ पुस्तक की हैं; शेष वे विशेषताएँ हैं जिन्हें आप जोड़ सकते हैं, प्रत्येक के साथ उसका कारण भी।
| क्र.सं. | पृथ्वी की रोचक विशेषता | यह उल्लेखनीय क्यों है |
|---|---|---|
| 1. | जिस वायु में हम श्वास लेते हैं वह उड़कर अंतरिक्ष में नहीं जाती है। | गैस के कण स्वतंत्र रूप से गति करते हैं एवं गैसों का आयतन निश्चित नहीं होता (अध्याय 7), फिर भी पृथ्वी का गुरुत्व उन्हें रोके रखने के लिए पर्याप्त है। |
| 2. | हम गुरुत्व के कारण पृथ्वी पर खड़े रह पाते हैं (अध्याय 5), परंतु हमारा हृदय रक्त को ऊपर मस्तिष्क तक पहुँचा देता है। | गुरुत्व इतना है कि हम टिके रहें, और इतना कम है कि एक मुट्ठी-भर पेशी उसके विरुद्ध रक्त ऊपर धकेल सके। |
| 3. | जल एक ही ग्रह पर एक ही समय बर्फ, द्रव एवं वाष्प — तीनों अवस्थाओं में मिलता है। | पृथ्वी का तापमान जल के गलनांक एवं क्वथनांक के ठीक बीच रहता है, इसीलिए नदियाँ, बादल एवं हिमनद साथ-साथ रह पाते हैं। |
| 4. | सूर्य का प्रकाश सीधे हम तक आता है, फिर भी हम जलते नहीं। | ओजोन परत हानिकारक पराबैंगनी भाग को अवशोषित कर लेती है एवं चुंबकीय क्षेत्र उच्च ऊर्जा कणों को दूर कर देता है। |
| 5. | किसी ऋतु में दिन-रात की लंबाई वर्ष दर वर्ष लगभग समान रहती है। | पृथ्वी का घूर्णन स्थिर है एवं कक्षा लगभग वृत्ताकार, अत: प्राप्त होने वाली ऊष्मा में अधिक उतार-चढ़ाव नहीं आता। |
| 6. | पृथ्वी का अधिकांश जल लवणीय है, फिर भी वर्षा का जल अलवणीय होता है। | वाष्पन में लवण पीछे छूट जाता है, अत: जल-चक्र नदियों, झीलों एवं भूमिगत जल को बार-बार उपयोगी जल से भरता रहता है। |
| 7. | सूखे पत्ते एवं मृत जंतु सदा के लिए एकत्रित नहीं होते रहते। | अपघटक उन्हें विघटित कर नाइट्रोजन एवं पोटैशियम मृदा में वापस कर देते हैं जिससे अगली पीढ़ी के पौधे उग सकें। |
स्वयं जाँचिए: इस तालिका के लिए सबसे अच्छी प्रविष्टि वह है जिसका ध्यान तब तक न आए जब तक वह रुक न जाए। प्रत्येक मद पर पूछिए — ‘इसे स्थिर कौन रखे हुए है?’ यदि आप कारण बता सकें तो वह पंक्ति लिखने योग्य है।