कुतूहल अध्याय 2 क्रियाकलाप 2.6

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
क्या आपने भी इनमें से किसी सूक्ष्मजीव अथवा किसी अन्य सूक्ष्मजीव का अवलोकन किया है? इसे अपनी अभ्यास पुस्तिका में अभिलेखित कीजिए और अपनी कक्षा में इस पर चर्चा कीजिए।
उत्तर

पहले अवलोकन कीजिए, फिर जो देखा वही ठीक-ठीक अभिलेखित कीजिए — आकार, गतिशील है या नहीं, हरा है या नहीं — और उसके बाद ही नाम देने का प्रयास कीजिए। पुस्तक की दोनों तालिकाएँ (2.1 और 2.2) कक्षा 8 के विद्यार्थियों के एक समूह का अभिलेख हैं; आपका अभिलेख भी इसी प्रकार बनना चाहिए।

पुस्तक का अभिलेख इस प्रकार है —

तालिका 2.1 — तालाब के जल में उपस्थित जीव
क्र.सं.अवलोकित सूक्ष्मजीवअभिलेखित आँकड़े
1.अमीबा (प्रोटोजोआ)एकल कोशिका, गतिशील एवं अनियमित आकार
2.पैरामीशियम (प्रोटोजोआ)एकल कोशिका जो विशेषीकृत संरचनाओं की सहायता से एक स्थान से दूसरे स्थान पर संचलन करती है
3.शैवाल (काई)एकल कोशिका, हरित वर्णक की उपस्थिति के कारण हरा दिखता है एवं संचलन विशिष्ट संरचनाओं की सहायता से होता है
तालिका 2.2 — मृदा निलंबन में उपस्थित जीव
क्र.सं.जीवविवरण
1.ब्रेड मोल्ड (कवक)पर्णहरित हीन शाखित तंतु जिनमें थैली जैसी संरचना होती है
2.फफूँदी (कवक)पर्णहरित हीन शाखित तंतु जिनमें ब्रश जैसी संरचना होती है
3.शैवालगोलाकार एवं पर्णहरित (हरे वर्णक) की उपस्थिति होती है
4.जीवाणुगोलाकार, कॉमा, सर्पिल अथवा छड़ाकार, एक लंबे बाल जैसी संरचना तथा कोशिका के चारों ओर छोटे बाल जैसे अनेक प्रवर्ध

नमूना उत्तर: “तालाब के जल में मुझे दो प्रकार के जीव दिखे। एक एकल कोशिका थी जिसका कोई निश्चित आकार नहीं था और गति करते समय उसकी रूपरेखा धीरे-धीरे बदलती रही — यह अमीबा से मेल खाती है। दूसरा हरा और गोलाकार था और बहता हुआ दिखा — एककोशिकीय शैवाल। मृदा निलंबन में मुझे छोटे छड़ाकार पिंड मिले जो हरे नहीं थे, और एक शाखित तंतु जिस पर छोटे-छोटे गोल सिरे थे, जो फफूँदी से मेल खाता है। पैरामीशियम मुझे नहीं दिखा।”

संकेत: पुस्तक की तालिकाओं के स्तंभों को ही अपने शीर्षक बनाइए — आकार, एक कोशिका या अनेक, हरा या नहीं, गतिशील या स्थिर। ये चार अवलोकन ही किसी भी दिखे जीव को प्रोटोजोआ, शैवाल, कवक या जीवाणु में रखने के लिए पर्याप्त हैं। और क्रियाकलाप 2.5 में पुस्तक का निर्देश मानिए — मृदा को नंगे हाथों से न छुएँ, चम्मच या दस्तानों का उपयोग कीजिए।
मृदा को बैठने क्यों दिया जाता है: जल में मृदा हिलाने पर भारी कण नीचे बैठ जाते हैं परंतु अत्यंत सूक्ष्म कण निलंबित रह जाते हैं — यही मृदा निलंबन है। बैठने के बाद ऊपरी परत से ली गई बूँद में भारी कण कम होते हैं जो दृश्य को रोकें, इसलिए उसमें उपस्थित सूक्ष्म जीव वास्तव में दिखाई दे पाते हैं।
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