प्र1.
क्या आपने कभी सोचा है कि यदि आपके आस-पास का अदृश्य संसार दृश्यमान हो जाए तो आप क्या देख पाएँगे?
उत्तर
आप पाएँगे कि आपके आस-पास लगभग कुछ भी वास्तव में खाली नहीं है — जल की प्रत्येक बूँद, मृदा की एक चुटकी, वायु, भोजन और स्वयं आपका शरीर भी सजीवों से भरा हुआ दिखाई देगा।
इस अध्याय में जब आप वास्तव में देखेंगे तो यही मिलेगा —
- स्लाइड पर रखी तालाब या रुद्ध जल की एक बूँद में अमीबा और पैरामीशियम गति करते दिखते हैं तथा हरे एककोशिकीय शैवाल भी (क्रियाकलाप 2.4, तालिका 2.1)।
- मृदा निलंबन की ऊपरी परत से ली गई बूँद में ब्रेड मोल्ड, अन्य कवक, शैवाल और गोलाकार, कॉमा, सर्पिल तथा छड़ाकार जीवाणु दिखते हैं (क्रियाकलाप 2.5, तालिका 2.2)।
- प्याज की पतली झिल्ली ईंटों की दीवार जैसी दिखती है और कपोल के भीतरी भाग से खुरचा गया पदार्थ बहुभुजाकार कोशिकाएँ दिखाता है।
- सड़ते हुए नींबू या टमाटर पर कवक की वृद्धि पाउडर या रुई जैसी दिखती है, और आपकी अपनी आँत में वे जीवाणु रहते हैं जो पाचन में सहायता करते हैं।
ये क्यों नहीं दिखते: मानव नेत्र केवल एक निश्चित आकार से बड़ी वस्तुओं को ही देख सकते हैं। ये जीव उससे कहीं छोटे हैं, इसीलिए लंबे समय तक अज्ञात रहे। सूक्ष्मदर्शी इन्हें 100 से 400 गुना तक आवर्धित करता है, तभी ये दिखाई देते हैं।