प्र1.
क्या आपने कुछ रोचक देखा?
उत्तर
हाँ — जल से भरे फ्लास्क के माध्यम से देखने पर पुस्तक के अक्षर बड़े दिखाई देते हैं।
ऐसा क्यों होता है: गोल पेंदे वाले फ्लास्क में भरे जल का आकार देखिए। वह बीच से मोटा और किनारों पर पतला है — ठीक उसी काँच के वक्रित टुकड़े जैसा जिसे लोगों ने लेंस कहा था, क्योंकि वह मसूर की दाल के दाने जैसा दिखता था। अक्षर से आने वाला प्रकाश जल के इस वक्रित पिंड से गुजरते समय मुड़ जाता है और आपकी आँख तक ऐसे पहुँचता है मानो वह किसी बहुत बड़े अक्षर से आया हो। इसीलिए जल से भरा फ्लास्क आवर्धक लेंस की भाँति कार्य करता है।
स्वयं जाँचिए: फ्लास्क को पृष्ठ के ऊपर धीरे-धीरे ऊपर-नीचे कीजिए। अक्षर बड़े-छोटे होते हैं और एक स्थिति पर धुँधले पड़ जाते हैं। लेंस केवल उचित दूरी पर ही स्पष्ट आवर्धन देता है — इसी कारण सूक्ष्मदर्शी में फोकस करने का नॉब होता है।