प्र1.
क्या आपने कभी यह सोचा है कि आपकी आँखों से दिखाई देने वाला सबसे छोटा जीव कौन-सा है? इस विषय पर विचार कीजिए कि आपकी आँखें कितनी छोटी वस्तु को देख सकती हैं?
उत्तर
बिना किसी उपकरण के हममें से अधिकांश लोग जो सबसे छोटे जीव देख पाते हैं वे हैं छोटी चींटी, पत्ती पर बैठा कुटकी (माइट) या फूल पर बैठा कोई नन्हा कीट — लगभग एक पूर्ण विराम या सरसों के दाने के बराबर। इससे छोटी वस्तु को आँख पृष्ठभूमि से अलग नहीं कर पाती।
यह सीमा क्यों है: मानव नेत्र केवल एक निश्चित आकार से बड़ी वस्तुओं को ही देख सकते हैं। उससे छोटी वस्तु का प्रतिबिंब इतना छोटा बनता है कि आँख उसे एक अलग आकृति के रूप में दर्ज ही नहीं कर पाती। यह ध्यान की कमी नहीं, आँख की निश्चित सीमा है — और यही कारण है कि हमारे आस-पास के इतने जीव इतने लंबे समय तक अज्ञात रहे।
करके देखिए: पैनी पेंसिल से कागज़ पर एक पूर्ण विराम बनाइए और धीरे-धीरे पीछे हटिए। जिस दूरी पर बिंदु लुप्त हो जाए वही आपकी अपनी आँख की सीमा है। अब उसी बिंदु को आवर्धक लेंस से देखिए — वह एक खुरदरा, असमान धब्बा दिखेगा। इस अध्याय का प्रत्येक जीव उस बिंदु से भी छोटा है।