कुतूहल अध्याय 2 क्रियाकलाप 2.2

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
आपको चित्र 2.3 (ग) और 2.3 (घ) में क्या समानताएँ दिखती हैं?
उत्तर

सूक्ष्मदर्शी से देखी गई अभिरंजित प्याज की झिल्ली (चित्र 2.3 ग) ठीक ईंट से बनी दीवार (चित्र 2.3 घ) जैसी दिखती है।

  • दोनों लगभग एक जैसे आकार की अनेक छोटी इकाइयों से बने हैं — लगभग आयताकार कोशिकाएँ, और आयताकार ईंटें।
  • ये इकाइयाँ बिना किसी अंतराल के सघन रूप से पंक्तियों में व्यवस्थित हैं।
  • प्रत्येक इकाई की अपनी स्पष्ट सीमा है — झिल्ली में कोशिका भित्ति, दीवार में ईंट का किनारा।
  • पूरी रचना किसी एक इकाई से कहीं बड़ी है, परंतु बनी केवल उन्हीं दोहराई गई इकाइयों से है।
पुस्तक यह चित्र क्यों देती है: यह अध्याय के केंद्रीय विचार को एक ही चित्र में बैठा देता है — कोशिका जीवन की मूल इकाई है, ठीक जैसे ईंट दीवार की मूल इकाई है। दीवार को समझने के लिए गारे का अध्ययन नहीं किया जाता; एक ईंट को और फिर उनके जुड़ने के ढंग को समझा जाता है। पत्ती, प्याज और आपके अपने शरीर के लिए भी यही सच है।
संकेत: सैफ्रेनीन कोशिकाएँ बनाता नहीं — वह केवल उन्हें गुलाबी रंग देता है जिससे उनकी सीमाएँ पृष्ठभूमि से उभर आएँ। ग्लिसरीन झिल्ली को सूखने से बचाकर चित्र को और स्पष्ट बनाता है।
प्र2.
आपके विचार से जंतुओं का शरीर किससे बना होता है?
उत्तर

जंतुओं का शरीर भी कोशिकाओं से ही बना होता है। प्याज की झिल्ली कोई अपवाद नहीं — प्रत्येक सजीव, चाहे पौधा हो या जंतु, कोशिकाओं से बना है।

आप इसे अगले ही क्रियाकलाप में स्वयं पर सिद्ध कर सकते हैं — स्वच्छ टूथपिक के कुंद सिरे से अपने कपोल के भीतरी भाग को खुरचिए, मेथिलीन ब्लू से अभिरंजित कीजिए और सूक्ष्मदर्शी से देखिए। आपको बहुभुजाकार कपोल कोशिकाएँ दिखेंगी जो आपके मुँह की आंतरिक परत बनाती हैं (चित्र 2.4)।

क्या समान है और क्या भिन्न: प्याज की झिल्ली और कपोल — दोनों की कोशिकाओं में तीन मूल भाग हैं — कोशिका झिल्ली, कोशिकाद्रव्य और केंद्रक। परंतु प्याज की कोशिका में एक अतिरिक्त बाहरी परत, कोशिका भित्ति, होती है जो जंतु कोशिका में नहीं होती। यही एक भिन्नता है जिसके कारण झिल्ली दृढ़ ईंट की दीवार जैसी और कपोल कोशिकाएँ मुलायम तथा अनियमित दिखती हैं।
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