प्र1.
आपने क्या अवलोकन किया?
उत्तर
स्लाइड पर फैली हुई बहुभुजाकार संरचनाएँ दिखती हैं, जैसी चित्र 2.4 में दर्शाई गई है। ये कपोल की कोशिकाएँ हैं — ये आपके मुँह की आंतरिक परत बनाती हैं।
प्रत्येक कोशिका में तीन चीज़ें पहचानी जा सकती हैं —
- एक पतली बाहरी सीमा — कोशिका झिल्ली;
- मध्य के पास गहरे रंग में रँगी एक गोल संरचना — केंद्रक;
- इन दोनों के बीच का स्थान, जो कोशिकाद्रव्य से भरा है।
अभिरंजक क्यों आवश्यक है: कपोल की कोशिका लगभग रंगहीन होती है, अत: चमकीली पृष्ठभूमि पर उसकी रूपरेखा लगभग अदृश्य रहती है। मेथिलीन ब्लू की एक बूँद विपर्यास (कंट्रास्ट) बढ़ा देती है — केंद्रक सबसे अधिक अभिरंजक लेता है और सबसे गहरा दिखता है, जिससे कोशिका के भाग सूक्ष्मदर्शी में स्पष्ट रूप से अलग दिखाई देते हैं। इसके बाद डाली गई ग्लिसरीन की बूँद कोशिकाओं को देखते समय सूखने से बचाती है।
स्वयं जाँचिए: प्याज की झिल्ली के विपरीत कपोल कोशिकाएँ प्राय: बिखरी हुई या एक-दूसरे पर चढ़ी हुई दिखती हैं। ऐसा इसलिए कि आपने उन्हें एक परत से खुरचकर अलग किया है — मुँह के भीतर वे टाइलों की भाँति एक-दूसरे से सटी रहती हैं।