कुतूहल अध्याय 2 पाठ्य प्रश्न

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
कोशिका में इन संरचनाओं का क्या महत्त्व है? ये क्या कार्य करती हैं? क्या ये कार्य जीवन को बनाए रखने के लिए महत्त्वपूर्ण हैं?
उत्तर

प्रत्येक भाग एक आवश्यक कार्य करता है और मिलकर ये कोशिका को — और इस प्रकार पूरे जीव को — जीवित रखते हैं। हाँ, ये कार्य अनिवार्य हैं; इनमें से कोई भी रुक जाए तो कोशिका जीवित नहीं रह सकती।

कोशिका का भागक्या करता हैयदि न हो तो
कोशिका झिल्लीकोशिकाद्रव्य और केंद्रक को घेरे रहती है तथा एक कोशिका को दूसरी से अलग करती है। यह सरंध्र होती है, अत: जैव प्रक्रमों के लिए आवश्यक पदार्थों का प्रवेश और अपशिष्ट पदार्थों का निकास होने देती है।कोशिका की कोई सीमा ही न होती; उपयोगी पदार्थ बाहर निकल जाते और अपशिष्ट भीतर जमा होता रहता
कोशिकाद्रव्यकोशिका के अन्य घटकों तथा कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा और खनिज लवण जैसे यौगिकों को रखता है। अधिकांश जैव प्रक्रम कोशिकाद्रव्य के भीतर ही होते हैं।कोशिका के रासायनिक कार्यों के लिए कोई स्थान ही न होता
केंद्रककोशिका के भीतर होने वाली सभी गतिविधियों को नियंत्रित करता है और वृद्धि को भी नियंत्रित करता है।कोशिका की गतिविधियाँ अनियंत्रित हो जातीं और वह ठीक से वृद्धि न कर पाती
कोशिका भित्ति (पादप कोशिका)पौधों को मजबूती और दृढ़ता प्रदान करती है, इसीलिए पादप कोशिकाएँ सघन रूप से व्यवस्थित और सुदृढ़ दिखती हैं।पौधे के पास खड़े रहने के लिए कोई दृढ़ संरचना न होती
(क) जंतु कोशिका (ख) पादप कोशिका केंद्रक कोशिका झिल्ली कोशिकाद्रव्य कोशिका भित्ति रसधानी हरित लवक
जंतु कोशिका और पादप कोशिका में वही तीन मूल भाग — कोशिका झिल्ली, कोशिकाद्रव्य और केंद्रक। पादप कोशिका में इसके अतिरिक्त कोशिका भित्ति, हरित लवक और एक बड़ी रसधानी होती है (चित्र 2.5)।
इसके पीछे का विचार: कोशिका तरल पदार्थ का एक थैलामात्र नहीं है। यह कई विभिन्न भागों से बनी एक जटिल संरचना है जिनमें से प्रत्येक का अपना विशेष प्रकार्य है, और कार्यों का यही बँटवारा कोशिका को — और उसके माध्यम से संपूर्ण जीव को — कार्य करने योग्य बनाता है।
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